गायक को दिल की बीमारी के चलते अप्रैल में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद जल्दी उन्हें ट्रिपल बाईपास के लिए भेजा गया। सर्जरी के बाद भी कुछ जटिलताएं होने की वजह से उन्हें एक और ऑपरेशन के लिए भेजा गया था। इसके बाद वह लंबे समय तक कोमा में रहे और सिटी स्कैन में दिमाग में क्षति भी दिखाई दी थी।
बलविंदर सफरी पंजाबी संगीत जगत का एक जानी-मानी नाम थे। अपने गानों के लिए वह हमेशा याद यह जाएंगे। चान मेरे मखना, पांव भांगड़ा, यार लंगड़े जैसे उनके गीत ना सिर्फ बेहतरीन संगीत का उदाहरण है, बल्कि इनकी गानों के जरिए वह अपनी विरासत को अपने पीछे छोड़ गए हैं।