बता दें कि प्रियंका ने भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के फैसले की भी सराहना की थी। दरअसल, हाल ही में अदालत ने अपने फैसले में वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना गर्भपात को वैध करार दिया था। न्यायालय ने कहा था कि एक महिला को तीसरे पक्ष से परामर्श किए बिना गर्भपात कराने के लिए "रिप्रोडक्टिव अटोनॉमी" होना चाहिए। फैसले के आने के बाद प्रियंका ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इस कदम को प्रगतिशील बताया था। उन्होंने लिखा था, "चुनने का अधिकार। दुनिया भर में महिलाओं के लिए यह एकमात्र तरीका होना चाहिए।"
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति से बोलीं प्रियंका चोपड़ा, हम दोनों भारत की बेटियां
भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ हुई पैनल चर्चा के दौरान दोनों को ‘भारत की बेटियां’ कहकर संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रियंका चोपड़ा ने कहा, मेरे मूल देश भारत में महिलाएं सर्वोच्च पदों तक पहुंचती हैं। 1966 में इंदिरा गांधी हमारी प्रधानमंत्री बनीं तो हाल ही में द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनी हैं। यह मेरे लिए बहुत चौंकाने वाला है कि अवसरों वाले देश के तौर पर मशहूर अमेरिका में यह उपलब्धि हासिल नहीं हुई है।
इसके बाद उन्होंने अपने और कमला हैरिस के बीच समानताएं गिनाते हुए कहा, मुझे लगता है कि एक तरह से हम दोनों भारत की बेटियां हैं। आप भारतीय मां की अमेरिका में जन्मी गर्वित बेटी हैं तो मैं दो डॉक्टरों की भारत में जन्मी संतान हूं और हाल ही में अमेरिका में प्रवासित हुई हूं। मैं पूरे दिल से अमेरिकी स्वप्न में विश्वास करती हूं।
कमला हैरिस ने प्रजनन अधिकार का मुद्दा उठाया
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (डीएमसी) की ओर से वाशिंगटन डीसी में हुए वूमेन’स लीडरशिप फोरम के इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने प्रजनन अधिकार, बंदूक हिंसा, वेतन असमानता और समान अवसरों पर बात की। उन्होंने आह्वान किया कि प्रजनन अधिकार के लिए लड़ना सभी डेमोक्रेट सीनेटरों के लिए जरूरी है। अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव के दौरान दो और डेमोक्रेट्स का चुना जाना जरूरी है। हमारे पास इस ओर कदम उठाने के लिए केवल 39 दिन हैं।