राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सरकार को उल्लू एप के खिलाफ जांच करने और उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एप अपने ग्राहकों को अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री वितरित कर रहा है। एनसीपीसीआर ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना मंत्रालय को पत्र लिखकर ऐसे एप्स को नियंत्रित करने वाले नियमों और नीति प्रमाणन के संबंध में जानकारी प्रदान करने का अनुरोध किया।