एक कहावत है कि लड़की हंसी तो फंसी। क्या यह बात इस एक्ट्रेस पर भी लागू होती है।
यशराज फिल्म्स में एक के बाद एक तीन फिल्में करने के बाद परिणीति चोपड़ा के पास कई बैनरों से ऑफर थे, लेकिन मुश्किल यह थी कि उनकी स्क्रिप्ट्स इस हीरोइन को पसंद नहीं आ रही थी।
परिणीति को ऐसी फिल्म की तलाश थी जो उन्हें पहली तीन फिल्मों ‘लेडीज वर्सेज रिक्की बहल’, ‘इशकजादे’ और ‘शुद्ध देसी रोमांस’ की तरह ही दमदार रोल पेश करे। तभी उन्हें करन जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस और फेंटम फिल्म्स की ‘हंसी तो फंसी’ का प्रस्ताव मिला।
परिणीति यशराज फिल्म्स के बाहर अपनी पहली फिल्म बहुत सोच समझ कर करना चाह रही थीं। फिल्म के निर्देशक विनिल मैथ्यू के अनुसार, ‘चंचल-चुलबुली मीता के रोल के लिए परिणीति मेरी पहली पसंद थी।
मुझे लगता था कि फिल्म में हीरोइन के किरदार में जो पागलपन चाहिए वह परिणीति ही ला सकती हैं। वह मेरी उम्मीदों पर पूरी तरह से खरी उतरीं। उन्होंने बहुत मेहनत से अपनी भूमिका निभाई।’ परिणीति का कहना है, ‘मेरे पास कई ऑफर थे, लेकिन ‘हंसी तो फंसी’ की स्क्रिप्ट मुझे काफी पसंद आई।
इसमें मेरे करने को बहुत सारी चीजें थीं।’ परिणीति हंस कर कहती है, ‘हंसी तो फंसी ने मुझे सचमुच हंसा कर फंसा लिया! मुझे इस रोल के लिए खुद को पूरी तरह फोकस करना पड़ा। किसी भी रोमांटिक फिल्म में काम करना बहुत आसान दिखता है।
अगर आप इमोशंस को ठीक ढंग से पकड़ नहीं सकते तो काम करना कठिन हो जाता है। इस लिहाज से मुझे कड़ी मेहनत करनी पड़ी। फिल्म में आप एक खिलखिलाती-हंसमुख लड़की देखेंगे। इसकी लव स्टोरी भी गजब है और गाने तथा क्लाइमेक्स भी।’
निर्माता करन जौहर की मानें तो परिणीति के अब तक के छोटे से कैरियर का सबसे अनूठा रोल है। वह कहते हैं, ‘इसमें आपको एक नई परिणीति देखने को मिलेगी।’ फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा हीरो हैं और यह सात फरवरी को रिलीज हो रही है।