विशाल भारद्वाज निर्देशित ज्यादातर फिल्में बॉलीवुड में सराही तो खूब गई हैं पर उन्होंने पैसा ज्यादा नहीं कमाया है। उनकी हालिया रिलीज फिल्म 'मटरू की बिजली का मनडोला' का भी कुछ वैसा ही हाल है। 11 जनवरी को रिलीज हुई इस फिल्म ने अपने पहले सप्ताह में 41 करोड़ रूपए कमाए हैं। इन 41 करोड़ में 33 करोड़ रूपए भारत के बाजार से और सात करोड़ रूपए ओवरसीज मार्केट से मिले हैं।
33 करोड़ की लागत से बनी यह फिल्म भारत से उतनी ही आमदनी कर पाई है जितनी कि इस फिल्म की लागत थी। इस फिल्म ने भारत में अभी तक 33 करोड़ रूपए ही कमाए हैं। 18 जनवरी को दूसरी कई फिल्में रिलीज हो जाने से इस फिल्म के कारोबार में असर पड़ा है। 11 जनवरी को रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन साढ़े 6 करोड़ से अधिक कमाई की थी। वीकेंड तक पहुंचते-पहुंचते इस फिल्म ने 22 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली थी।
रविवार के बाद इस फिल्म का कलेक्शन सुस्त हो गया। सोमवार से लेकर गुरुवार तक चार दिनो में यह फिल्म लगभग साढ़े दस करोड़ रूपए ही और जोड़ पाई। गुरुवार की शाम तक इस फिल्म का कलेक्शन 33 करोड़ के करीब पहुंच गया। मजे की बात यह है कि इस फिल्म के निर्माण में इतना ही खर्चा आया था। सिर्फ भारत के मार्केट को देखें तो विशाल की यह फिल्म न फायदे में रही और न ही घाटे में। हां विदेशों से आई आमदनी को जरूर लाभ में रखा जा सकता है।
बॉलीवुड के जानकार मानते हैं कि स्टारकॉस्ट और फिल्म की चर्चा को देखते हुए यह बहुत ही साधारण कलेक्शन है। अब यह देखना होगा कि दूसरे हफ्ते जब 'इंकार' और 'मुंबई मिरर' जैसी फिल्में दर्शकों के लिए उपलब्ध होंगी यह फिल्म कितनी कमाई और जोड़ पाती है। हालांकि विशाल भारद्वाज अपनी फिल्म के प्रदर्शन से खुश हैं।