मनोज वाजपेयी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म को लेकर बहुत उत्सुक हैं, लेकिन फिल्म के निर्देशक हंसल मेहता परेशान हैं। अलीगढ़ विश्वविद्यालय में एक समलैंगिक प्रोफेसर की जिंदगी की सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म सेंसर में तो अटक ही सकती है, कानूनी रूप से भी इसे मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि इस घटना में प्रोफेसर के एक अन्य पुरुष के साथ सेक्स संबंधों का वीडियो बना लिया गया था।
सूत्रों की मानें तो हंसल की फिल्म में भी मनोज पर एक गे सीन फिल्माया गया है, जिसकी लंबाई अच्छी खासी है। अब मुश्किल यह आ रही है कि क्या सेंसर बोर्ड इसे किसी भी तरह से पास करेगाॽ जानकारों की मानें तो इसमें संदेह है। दूसरी तरफ फिल्म को उसके विषय पर भी कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। देश में समलैंगिक संबंध गैर–कानूनी हैं। पिछले दिनों ही एक अंग्रेजी चैनल को सरकार की तरफ से गे कंटेंट दिखाने पर कड़ा कानूनी नोटिस भेज कर जवाब मांगा गया है।