बॉलीवुड की कई सुपरहिट फिल्मों में काम कर चुके और अंग्रेजी फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ने वाले अभिनेता सईद जाफरी की मौत हो गई है। 86 वर्षीय अभिनेता की मौत की खबर उनकी भांजी शहीन अग्रवाल ने अपने फेसबुक पेज पर दी है।
शहीन ने बड़े ही मार्मिक ढंग से एक लंबा लेख लिखकर अपने अंकल की मौत खबर दी है। उन्होंने लिखा कि आज जाफरी पीढ़ी का निधन हो गया। उन्होंने आगे लिखा कि सईद आज अपने भाई-बहन के पास चले गए और अपने पिता से उनका मिलन हो गया, जिन्हें वह सबसे ज्यादा प्यार करते थे।
(function(d, s, id) { var js, fjs = d.getElementsByTagName(s)[0]; if (d.getElementById(id)) return; js = d.createElement(s); js.id = id; js.src = "//connect.facebook.net/en_US/sdk.js#xfbml=1&version=v2.3"; fjs.parentNode.insertBefore(js, fjs);}(document, 'script', 'facebook-jssdk'));Today, a generation of Jaffreys has passed away.Saeed Jaffrey has joined his brothers and sister and is rejoicing in...Posted by Shaheen Aggarwal on Sunday, November 15, 2015
सईद जाफरी को उनकी फिल्में "गांधी" (1982), "शतरंग के खिलाड़ी" (1977), "हिना" (1991) और "राम तेरी गंगा मैली" (1985) के लिए जानते हैं। उन्होंने नायक और खलनायक दोनों ही तरह की भुमिकाएं निभाईं। खास बात ये रही कि उनको उनकी दोनों ही तरह की भूमिकाओं में स्वीकार किया गया। उनके राम तेरी गंगा मैली के डायलॉग "गंगा कभी कलकत्ता से बनारस की ओर नहीं बहती, वो बनारस से कलकत्ता ही आती है" को बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन डायलॉगों में से एक माना जाता है।