फिल्ममेकर करण जौहर अपनी पहली फिल्म 'कुछ कुछ होता है' की शानदार सफलता के बाद अपनी दूसरी फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' को लेकर बेहद उत्साहित थे। इस फिल्म में उन्होंने उस वक्त सबसे बड़ी स्टार कास्ट को इकट्ठा किया था। इसके साथ ही यह फिल्म उस समय तक हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी बजट वाली फिल्म थी। इसके बाद जब उन्होंने 'लगान' और 'दिल चाहता है' देखी तो उनका आत्मविश्वास टूट गया।
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'दिल चाहता है' पर क्या बोले करण
करण जौहर ने बताया कि वर्ष 2001 की सभी मौलिक फिल्में एक के बाद एक देखीं, जिससे उन्हें 'कभी खुशी कभी गम' के बारे में वास्तविकता का पता चला। एक बातचीत के दौरान फिल्ममेकर ने बताया कि वह इस बात से बहुत आश्चर्यचकित थे कि 'दिल चाहता है' कितनी अच्छी बनी, क्योंकि उन्होंने ऐसा नहीं किया था। सोचिए निर्देशक फरहान अख्तर में यह बात थी। जावेद अख्तर और हनी ईरानी के बेटे फरहान ने 'दिल चाहता है' से अपने निर्देशन की शुरुआत की, जो तब से हिंदी सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक फिल्म बनकर उभरी है।
ऐतिहासिक फिल्म बनकर उभरी 'दिल चाहता है'
बता दें कि आमिर खान, अक्षय खन्ना और सैफ अली खान स्टारर फिल्म 'दिल चाहता है' ने हिंदी सिनेमा को वह फिल्म दी, जैसी दर्शकों ने काफी समय से नहीं देखी थी। यह फिल्म दोस्तों के लिए आज भी बेहद खास है। गोवा का ट्रिप हो या जिंदगी का सबक इस फिल्म में दिखाया गया था कि कैसे तीन अलग अलग स्वभाव के दोस्त हर वक्त साथ रहते हैं। यह फिल्म आज भी दर्शकों को काफी पसंद है।
'कुछ कुछ होता है' के 25 वर्ष पूरे होने का मना रहे जश्न
वहीं करण जौहर की बात करें तो वह इन दिनों अपनी पहली फिल्म 'कुछ कुछ होता है' के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। शाहरुख खान, रानी मुखर्जी और काजोल स्टारर फिल्म के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर दोबारा रिलीज किया गया। आज भी यह फिल्म दर्शकों को बंहद पसंद है। इसके अलावा हाल ही मे करण की फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया।