जिंदगी सतरंगी है, इंद्रधनुष जैसी है, इसके रंगों से दुनिया गुलजार है...वगैरह वगैरह। ये सब बातें उनके लिए हैं तो एंट्रेंस एग्जामिनेशन की मोह माया से बाहर निकल चुके हैं। उनसे पूछिए जो दिन रात किताबों और मेड ईजी की घुट्टी पीते रहते हैं। उनकी जिंदगी बस इतनी सी है, गेटअप, रीड, ईट, स्लीप, रिपीट। जिंदगी का दूसरा कोई रंग नहीं। सब कुछ बिल्कुल ब्लैक एंड व्हाइट। और, तभी जब कोटा में रहने वाले लाखों छात्रों की जिंदगी पर टीवीएफ ने दो साल पहले सीरीज बनाई ‘कोटा फैक्ट्री’ तो उसे भी ब्लैक एंड व्हाइट ही शूट किया गया। निर्देशक राघव सुब्बु अपनी वेब सीरीज ‘कोटा फैक्ट्री’ की कुछ और कहानियां लेकर अगले महीने लौट रहे हैं इसके सेकंड सीजन में। इस बीच इसका पहला सीजन भी नेटफ्लिक्स पर पहुंच चुका है। वेब सीरीज ‘कोटा फैक्ट्री’ के दूसरे सीजन का प्रसारण भी इस बार नेटफ्लिक्स पर ही होगा।