कोलकाता फिल्म फेस्टिवल के दौरान महेश भट्ट ने रखे विचार
फेस्टिवल के दौरान बोलते हुए महेश भट्ट ने रवींद्रनाथ को उद्धृत करते हुए कहा "किसी भी जाति, किसी भी संस्कृति को अस्वीकार करना भारत की भावना नहीं है...यह हमारा सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए कि हम चीजों को सहानुभूति और प्रेम के साथ समझें। यह भारत की भावना है।"
रवींद्रनाथ के विचारों को किया उद्धृत
महेश भट्ट ने आगे बात करते हुए कहा, "राजनीतिक अशांति के वर्तमान समय में, भारत के बच्चे पश्चिम के विचारों को खारिज करने की कोशिश करते हैं, यह वह सबक है जो पश्चिम से मिला है। ऐसा हमारा मिशन नहीं है। भारत सभी जातियों को एकजुट करने के लिए है। टैगोर के ये शब्द सभी भारतीयों के दिलों में गूंजना चाहिए।"
इसके अलावा फेस्टिवल में शाहरुख खान ने सोशल मीडिया की नेगेटिविटी पर अपनी बात रखते हुए कहा, "दुनिया चाहे कुछ भी करे, हम जैसे लोग सकारात्मक रहेंगे।' इसके अलावा उन्होंने कहा, 'मैंने कहीं पढ़ा था कि नेगेटिविटी सोशल मीडिया की खपत को बढ़ाती है। इस तरह की कोशिशे कलेक्टिव नेरेटिव को विभाजित और विनाशकारी बनाती हैं।"