बीते दिन सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए एक जरूरी दिशानिर्देश जारी किया। इसके अनुसार अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को कार्यक्रम में तंबाकू उत्पाद प्रदर्शित करने या फिर उसका उपयोग किए जाने के दौरान स्क्रीन के नीचे एक प्रमुख स्थिर तंबाकू विरोधी संदेश चलाते हुए लोगों को स्वास्थ्य चेतावनी देना अनिवार्य होगा। जहां तमाम लोग शासनादेश के इस आदेश की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कुछ इसकी आलोचना करते भी नजर आ रहे हैं। आलोचना करने वालों में अब मशहूर फिल्ममेकर हंसल मेहता का भी नाम जुड़ गया है।
फिल्ममेकर हंसल मेहता ने शासनादेश के इस दिशानिर्देश को व्यंगयात्मक तरीके से प्रगतिशील निर्णय बताया है। हंसल ने अपने विचार को व्यक्त करने के लिए अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल का सहारा लिया है। आदेश पर अपने विचार साझा करते हुए हंसल ने ट्वीट में लिखा है, 'हां, तम्बाकू उत्पाद और धूम्रपान से होने वाली मौतों का एकमात्र कारण हमारे शो या फिल्में हैं। इन टिकर को लगाने से हमारे पास स्वस्थ्य लोग होंगे जो धूम्रपान नहीं करते हैं। बहुत प्रगतिशील निर्णय।'
'स्कूप' और स्कैम '1992' जैसी वेब सीरीज का निर्माण कर चुके हंसल मेहता का यह ट्वीट सामने आते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। वहीं, फिल्ममेकर ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर धूम्रपान अस्वीकरण को शामिल करने वाली रिपोर्ट में एक विशिष्ट पंक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, 'यह निर्णय लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया है।'
हंसल मेहता के इस विचार पर सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। एक ट्विटर यूजर ने रिएक्ट करते हुए लिखा है, 'अगर यह निर्णय 100, 10 या यहां तक कि एक व्यक्ति को धूम्रपान या तम्बाकू सेवन की आदत छोड़ने से रोकता है, तो मुझे वास्तव में लगता है कि यह एक अच्छा निर्णय है।' दूसरे ने लिखा है, 'सर, फिल्मों में भोले-भाले लोगों को प्रभावित करने की ताकत होती है। आज के वितरण और पहुंच के साथ जांच करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। स्व-नियमन सबसे पहले होना चाहिए। इन दिनों ओटीटी पर जिस तरह की सामग्री उपलब्ध है, उसे देखते हुए मैं अपने बच्चों के बचपन को लेकर डरा हुआ हूं।'