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Gulshan Kumar Mehta Birthday: मेरे देश की धरती से लेकर आती रहेंगी बहारें तक, ये हैं गुलशन के 10 सदाबहार गाने

Sat, 12 Apr 2025 07:51 AM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Gulshan Kumar Mehta Birth Anniversary: गुलशन कुमार मेहता अपने शानदार गीतों की वजह से लोगों के दिलों में खास जगह बनाने में कामयाब रहे। आइए उनके जन्मदिन पर उनके 10 सदाबहार गानों के बारे में जानते हैं...
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गुलशन कुमार मेहता - फोटो : एक्स- @nfdcindia
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विस्तार
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हिंदी सिनेमा में अपनी भावपूर्ण गीत रचना के लिए मशहूर गीतकार गुलशन कुमार मेहता को लोग प्यार से 'गुलशन बावरा' के नाम से जानते हैं। उनकी कलम से कई ऐसे गाने निकले जो आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं। 12 अप्रैल 1937 को पाकिस्तान के शेखपुरा गांव में जन्म लेने वाले इस गीतकार ने  विभाजन के दौरान हुए दंगों में उन्होंने अपने पिता और चाचा को खो दिया, जिसका दर्द उनके कई गीतों में भी झलकता है। 

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करियर में लिखे 240 से भी ज्यादा गाने
इस घटना के बाद  उनकी बड़ी बहन ने उन्हें पाला। गुलशन ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। उन्होंने कॉलेज के दिनों में ही कविता लिखना शुरू कर दिया था। बाद में वह, मुंबई पहुंचे और रेलवे में नौकरी के साथ फिल्मों में काम के लिए संघर्ष किया। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और  हिंदी सिनेमा में उन्होंने अपनी कलम से पहचान बनाने में कामयाबी हासिल की। 42 साल के करियर में उन्होंने करीब 240 गाने लिखे। उनकी खासियत थी कि वह हर गाने में गुणवत्ता को प्राथमिकता देते थे। आइए उनके जन्मदिन पर उनके 10 मशहूर गानों के बारे में जानते हैं।
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मेरे देश की धरती (उपकार)
यह गाना देशभक्ति की भावना से भरा हुआ है। आज भी राष्ट्रीय पर्वों पर यह गाना खूब बजता है। गुलशन बावरा ने इसे इतने भावपूर्ण तरीके से लिखा कि यह हर भारतीय के दिल को छू गया। गाने के बोल हैं। इसे महेंद्र कपूर ने गाया था। मनोज कुमार पर फिल्माए गए इस गाने के लिए गुलशन को फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।

यारी है ईमान मेरा (जंजीर)
यह गाना दोस्ती की मिसाल है, जिसे गुलशन ने प्राण और अमिताभ बच्चन की जोड़ी के लिए लिखा। मन्ना डे की आवाज में यह गाना सुपरहिट हुआ। गाने के इसने गुलशन को दूसरा फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाया।

प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया (सत्ते पे सत्ता)
यह मजेदार गाना अमिताभ बच्चन की फिल्म 'सत्ते पे सत्ता' का है। गुलशन ने इसे बड़े ही हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा, जो सात भाइयों की कहानी को बयां करता है। किशोर कुमार, आरडी बर्मन और गुलशन बावरा ने मिलकर इसे गाया। दर्शकों के दिलों में यह गाना आज भी खास जगह बनाए हुए है।

दीवाने हैं दीवानों को (जंजीर)
'जंजीर' का यह दूसरा गाना भी गुलशन बावरा की कलम का कमाल है। यह गाना प्राण पर फिल्माया गया और मोहम्मद रफी ने इसे गाया।उनका लिखा यह रोमांटिक गाना भी काफी ज्यादा लोकप्रिय हुआ था।

तुम्हें याद होगा कभी हम मिले थे (सट्टा बाजार)  
यह गुलशन बावरा का पहला हिट गाना था, जिसने उन्हें इंडस्ट्री में पहचान दिलाई। कल्याणजी-आनंदजी के संगीत में बना यह गाना उनके करियर का टर्निंग पॉइंट था। इसे हेमंत कुमार और लता मंगेशकर ने गाया था।

चांदी की दीवार न तोड़ी (विश्वास)  
यह गीत गुलशन के दिल के बहुत करीब था। इसमें एक गरीब प्रेमी की पीड़ा को कमल के जरिए उन्हें पेश करने की कोशिश की है, जिसे धनवान की बेटी छोड़ देती है। इस गाने को मुकेश ने अपनी जादुई आवाज से सजाया था। 

कसमें वादे निभाएंगे हम (कसमें वादे)  
इस गाने में प्रेम और वादों की नाजाकत को गुलशन ने खूबसूरती से पिरोया था। इस गाने को किशोर कुमार और लता मंगेश्कर ने आवाज दी थी। अमिताभ बच्चन और राखी पर फिल्माया गया ये गाना रिलीज होते ही लोगों की जुबां पर चढ़ गया। बड़ी संख्या में लोग इस गाने को आज भी सुनना पसंद करते हैं।


 

आती रहेंगी बहारें (कसमें वादे)  
यह गीत जीवन के उतार-चढ़ाव और उम्मीद की बात करता है। गुलशन बावरा ने इसमें सकारात्मकता का भाव भरा। किशोर कुमार और लता मंगेशकर की आवाज में यह गाना आर डी बर्मन के संगीत के साथ लोगों के दिलों में खास जगह बनाने में कामयाब रहा। यह गीत उस दौर के रोमांटिक और प्रेरणादायक गानों में खास था।

तू तू है वही (ये वादा रहा)  
इस रोमांटिक गाने में गुलशन ने प्रेम की गहराई को खूबसूरती से उकेरा। किशोर कुमार और आशा भोसले की आवाज में यह गाना आर डी बर्मन के शानदार  संगीत का बेहतरीन नमूना है। ऋषि कपूर और पूनम ढिल्लों पर फिल्माया गया यह गीत युवाओं में खूब लोकप्रिय हुआ था।

वादा कर ले साजना (हाथ की सफाई)  
इस गाने के जरिए  प्रेम और विश्वास की भावना को पर्दे पर दिखाने की कोशिश की गई  है। लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी की जादुई आवाज में यह गीत कल्याणजी-आनंदजी के संगीत के साथ हिट हुआ। रणधीर कपूर और विनोद खन्ना की फिल्म में यह गाना कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा था।

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ले पप्पियां झप्पियां पाले हम (हकीकत)  
गुलशन बावरा का यह गाना उनके करियर के अंतिम दौर का है। इस मजेदार और चुलबुले गाने को समीर सेन और दिलीप ने कंपोज किया था। गाने को कुमार सानू और अल्का याग्निक ने गाया था। फिल्म हकीकत के इस गाने में अजय देवगन और तब्बू का मस्ती भरा अंदाज देखने को मिला था।

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