अपने तीसरे बच्चे की लिंग जांच के मामले में अभिनेता शाहरुख खान पूरी तरह से बरी हो सकते हैं।
शाहरुख खान के तीसरे बच्चे के जन्म के साथ ही यह विवाद जुड़ गया था कि शाहरुख ने जन्म पूर्व इस बच्चे का लिंग परीक्षण करवाया था।
इस मामले में शाहरुख के खिलाफ लिंग परीक्षण का आरोप लगाते हुए कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि सरोगेसी तकनीक से हो रहे इस बच्चे की शाहरुख ने लिंग जांच कराई है।
कोर्ट में चल रहे इस मामले में शाहरुख को एक बड़ी राहत मिली है। मुंबई म्युनिसिपल कार्पोरेशन ने गुरुवार को कोर्ट में कुछ कागजात पेश किए हैं। इन कागजात के मुताबिक शाहरुख खान ने बच्चे के जन्म के पूर्व लिंग परीक्षण नहीं कराया था।
यह कागजात उस अस्पताल की रिर्पोट के आधार पर बनाए गए हैं जहां शाहरुख के इस तीसरे बच्चे का सरोगेसी तकनीक से जन्म हुआ था।
कोर्ट में यह सुनवाई सामाजिक कार्यकर्ता वर्षा देशपांडे के द्वारा जनहित में दायर की गई याचिका के बाद हो रहा है।
इस मसले पर कोर्ट का फैसला इसी महीने के अंत तक आ सकता है। मालूम हो कि शाहरुख खान का तीसरी बच्चा सरोगेसी तकनीक से हुआ था।