हिंदी फिल्मों में सावन का सीधा वास्ता रोमांस से रहा है। दौर कोई भी रहा हो फिल्मों में सावन के गाने दर्शकों को पसंद आते रहे हैं।
फिल्मों के बदलते ट्रीटमेंट की वजह से इधर की फिल्मों में सावन गीतों की संख्या भले ही कम हो गयी हो लेकिन दर्शकों को आज भी यह गीत लुभाते हैं।
बरसात और सावन के इस मौसम में हम आपको ऐसी पांच गाने दिखा और सुना रहे हैं जो हमेशा से मोस्ट रोमांटिक सावन गीतों में शुमार होते रहे हैं।
"हाय हाय ये मजबूरी"
फिल्म 'रोटी कपड़ा और मकान' में मनोज कुमार को बरसात का लुत्फ उठाने के लिए प्रेरित करती जीनत अमान जब हाय हाय ये मजबूरी, ये मौसम और ये दूरी गाना गाती हैं तो यह गाना हमें अपने बीच का लगता है।
"सावन का महीना पवन करे शोर"
मिलन फिल्म के इस गाने को सुनील दत्त और नूतन पर फिल्माया गया। गाने के लिरिक्स इतने सुकून और शांति देने वाले हैं। साथ ही यह गाना सावना की व्याख्या में मजेदार अंदाज में करता है।
"रिमझिम घिरे सावन बहक बहक जाए रे मन"
मंजिल फिल्म में किशोर कुमार द्वारा गाया गया यह गाना अमिताभ पर फिल्माए गए सबसे हिट गानों में से एक बना।
"आया सावन झूम के"
'आया सावन झूम के' फिल्म का यह गाना धर्मेंद्र और आशा पारिख पर फिल्माया गया है। गाने के बोल बेहद शरारती हैं।
"लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है"
'चांदनी' फिल्म का गाना "लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है" सावन में जुदाई के एहसास को बांटता हुआ चलता है।