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कैसे बनता है फिल्मों का बजट, कहां लगता है ज्यादा पैसा?

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किसी भी फिल्म के निर्माण के लिए सबसे पहले ये बात तय की जाती है कि फिल्म को बनाने के लिए कितना बजट हैं। सबसे पहले बजट तय किया जाता है। इसके बाद फिल्म के बजट को चार हिस्सों में बांटा जाता है। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में इसके लिए अलग-अलग नाम दिए गए हैं।
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बजट को अबोव द लाइन, बिलो द लाइन, पोस्ट प्रोड्क्शन और फिल्म से जुड़ी चीजों के बीमा आदि कराने को चौथे भाग में रखते हैं। अबोग द लाइन से मतलब बड़ी चीजों से है या हम इसे फिल्म के बड़े खर्च की तरह भी देख सकते हैं। इसमें स्क्रिप्ट, प्रोड्यूसर, निर्देशक और अभिनेता और अभिनेत्रियों पर खर्च होने वाले पैसे को जोड़ा जाता है।

सबसे पहले किसी भी फिल्म के लिए स्क्रिप्ट पर बात होती है। स्क्रिप्ट किसी पटकथा लेखक लिखकर देता है तो इसके बदले में उसे दिए जाने वाले मेहनताने का जिक्र फिल्म के बजट में किया जाता है। यदि किसी मशहूर आदमी की जिंदगी पर फिल्म बन रही है तो उसके परिवार से इसके लिए अधिकार लेने होते हैं। इसके लिए भी बजट में पैसा तय किया जाता है।
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आमतौर पर देखने में आता है कि किसी की जिंदगी को पर्दे पर उतारने के लिए निर्माता को अच्छा-खासा पैसा देना पड़ता है। क्रिकेट खिलाड़ी महेन्द्र सिंह धोनी की जिंदगी पर बन रही फिल्म के लिए धोनी के बड़ी रकम लेने की खबरे हैं। उपन्यासों पर बनने वाली फिल्मों पर अक्सर फिल्म निर्माता और लेखकों के बीच मनमुटाव होते हैं। ये लेखकों को पैसा ना देने के कारण होते हैं।


अबोव द लाइन में ही प्रोड्यूसर, निर्देशक और कलाकारों का मेहनताना भी आता है। ये मेहनताना ही फिल्म का बजट तय करते हैं। बड़े निर्देशक और अभिनेता बड़ा भारी मेहनताना लेते हैं। सलमान खान, शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण जैसे कलाकारों का मेहनताना फिल्म के बाकी बजट से भी ज्यादा होता है। सलमान और शाहरुख जैसे सितारे एक फिल्म के लिए 30 से 40 करोड़ तक लेते हैं। हॉलीवुड में मेहनताना और भी ज्यादा है।

एक्टर और डायरेक्टर की फीस के बाद भी बड़े बजट की होती है जरूरत

किसी भी फिल्म के बजट का दूसरा हिस्सा बिलोव द लाइन कहलाता है। इसके लिए भी एक बड़े बजट का इंतजाम करना होता है। बिलोव द लाइन में उन खर्चों के रखा जाता है। जो बहुत बड़े नहीं लगते या जिनपर कम चर्चा होती है। अब मान लीजिए हीरो ने कितनी फीस ली इस पर खूब खबरें सुनने को मिलेंगी लेकिन हेयर स्टाइलिस्ट और कैमरा ऑपेरेटर पर खर्च के बारे में सुनने को मिलता है।

वो खर्च जिनके बारे में बाते भले ही कम हो लेकिन बहुत अहम होते हैं, उन्हे बिलो द लाइन कहते हैं। इस बजट का लेखा-जोखा अलग से रखा जाता है। यानि के अबोव द लाइन से इसे अलग रखा जाता है। फिल्म में हीरो, हीरोइन, निर्देशक और प्रोड्यूसर के अलावा भी बड़ी टीम की जरूरत होती है। इस बड़ी टीम का बजट बिलो द साइन बजट होता है।

बिलो द बजट में असिस्टेंट डायरेक्टर, आर्ट डायरेक्टर, कैमरा ऑपेरेटर, ग्राफिक आर्टिस्ट, साउंड इंजीनियर, टेक्नियकल डायरेक्टर जैसे बहुत से लोग काम करते हैं। ये सब फिल्म का अहम हिस्सा होते हैं। इन सभी की अच्छी-खासी फीस होती है। अच्छा नाम रखने वाले हेयर स्टाइलिस्ट एक दिन की लाखों में फीस लेते हैं। फिल्म एडिटर भी भारी फीस लेते हैं।

विजुअल इफेक्ट्स ने बढ़ाया है बहुत बजट

पिछले कुछ सालों से फिल्मों में विजुअल इफेक्ट्स का रोल बहुत अहम हो गया है। आजकल फिल्म में किसी स्टेंटमैन को पैसा कम ही दिया जाता है। इसकी वजह भी यही है कि विजुअल इफैक्ट्स के जरिए इस तरह के सीन दिखाए जाते हैं जो कुछ साल पहले संभव ही नहीं थे।

हाल ही में आई फिल्म बाहुबली उससे पहले हॉलीवुड की अवतार और लॉर्ड्स ऑफ रिंग्स में विजुअल इफेक्ट्स का ही कमाल है कि लोग एक-एक सीन पर दांतों तले उंगली दबा लेते हैं। बाहुबली के बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा विजुअल इफेकट्स पर ही खर्च हुआ।

हॉलीवुड की फिल्म अवतार और लॉर्ड्स ऑफ रिंग्स जैसी फिल्मों में 10 करोड़ डॉलर विजुअल इफेक्ट्स पर खर्च किए गए। आजकल जैसे-जैसे फिल्मों में विजुअल इफेक्ट्स का प्रभाव बढ़ रहा है, इसका खर्च भी बढ़ता जा रहा है।

इंस्योरेश जैसे और भी कई खर्च हैं

आजकल एक एक और बड़ा खर्च जो बजट का बहुत बड़ा हिस्सा होता है वो है बीमा। देश-विदेश में शूटिंग के दौरान किसी भी तरह का हादसा हो सकता है, इसलिए फिल्म के सदस्यों और कैमरे और तमाम मंहगे सामानो का बीमा कराया जाता है। ये सब फिल्म के बजट का चौथा कहा जाता है।

इसमें फिल्म के विज्ञापन पर होने वाले खर्च को भी जोड़ा जाता है। पिछले कुछ सालों से फिल्म के प्रमोशन पर बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च किया जाता है। इसके अलावा फिल्म के लिए फिल्म स्टूडियो को किराए पर लिया जाता है तो उसका खर्च भी बजट के इसी हिस्से में जोड़ा जाता है।
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स्पाइडरमैन-2 के उदाहरण से समझ सकते हैं फिल्म का बजट

स्पाइडरमैन-2 के बजट को कुछ इस तरह से बांटा गया है। स्पाइडरमैन के लिए स्टोरी राइट्स 20 मिलियन डॉलर (136 करोड़ रुपये लगभग) में खरीदे गए। फिल्म के स्क्रीनप्ले पर 10 मिलियन(69 करोड़ रूपये) डॉलर का खर्च आया। फिल्म के प्रोड्यूसरों को 15 मिलियन (104 करोड़ रुपये) जबकि निर्देशक सेम राइमी को 10 मिलियन डॉलर (69 करोड़ रूपये) की फीस दी गई।

फिल्म के मुख्य कलाकार टोबी मेगूरी को 17 मिलियन (105 करोड़ लगभग), क्रिस्टन डंस्ट को 7मिलियन (52 करोड़) जबकि अल्फ्रेड मोलिना को 3 मिलियन डॉलर की फीस दी गई। दूसरे कलाकारों को 3 मिलियन दिए गए। प्रोड्क्शन में 45 मिलियन, विजजुअल इफेक्ट्स पर 65 मिलियन, संगीत पर 5 मिलियन (35 करोड़ रुपये), कंपोजर को 2 मिलियन डॉलर दिए गए। इस तरह से स्पाइडर मैन-2 का कुल बजट 202 मिलियन डॉलर हुआ।
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