फिल्म निर्देशक श्रीराम राघवन ने कहा कि वह फिल्म बनाने के दौरान सबसे ज्यादा इस चीज को लेकर संघर्ष करते हैं कि दर्शकों को कितना समझाया जाना चाहिए।
राघवन की हालिया थ्रिलर फिल्म ‘‘अंधाधुंध’’ ने सिनेमाघरों में 50 दिन पूरे कर लिये हैं। फिल्मकार का कहना है कि वह पर्दे पर चीजों को स्पष्ट रूप में नहीं दिखाना चाहते हैं।
राघवन ने कहा, ‘‘वास्तविक संघर्ष यह है कि आप दर्शकों को कितना समझा देते हैं और मैं अपने हिसाब और समझ से काम करता हूं। यह ही ठीक है, यह स्पष्ट है। हमें इसे दिखाने की जरूरत नहीं है। हमें यह कहने की भी जरूरत नहीं है।’’
वह एनएफडीसी की ‘फिल्म बाजार नॉलेज सीरीज’ के सत्र ‘‘द डार्क, द पल्पी एंड द लव स्टोरी’’ में बोल रहे थे। राघवन ने कहा कि वह कई चीजों को अपने-अपने हिसाब से समझने के लिए दर्शकों पर छोड़ देते हैं। निर्देशक का मानना है कि इस प्रकार से जनता चीजों के बारे में कल्पना कर पाएंगे।