भारतीय फिल्म निर्देशक चैतन्य तम्हाणे को उनकी फिल्म "द डिसाइपल" (THE DISCIPLE) के लिए 45वें टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘‘एम्प्लिफाई वॉयस अवॉर्ड’’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने यह पुरस्कार फिल्म निर्देशक फिलीप लैकोट के "नाइट ऑफ द किंग्स" के साथ साझा किया।
एम्प्लीफाई वॉयस अवार्ड्स जूरी ने "द डिसाइपल" को काफी शानदार बताया। शनिवार को मीरा नायर की बीबीसी स्टूडियो सीरिज "अ सुटेबल ब्वॉय" की प्रस्तुति के साथ टीआईएफएफ 2020 का समापन हुआ।
फिल्मोत्सव के इतिहास में पहली बार एक टेलीविजन शो की प्रस्तुति दी गई। इससे पहले 'द डिसाइपल' को वेनिस फिल्म फेस्टिवल के 77वें संस्करण में बेस्ट स्क्रीनप्ले का अवॉर्ड से नवाजा गया था। 'द डिसाइपल' को इसी फेस्टिवल में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फिल्म क्रिटिक्स द्वारा 'इंटरनेशनल क्रिटिक्स अवॉर्ड' से भी सम्मानित किया गया था।
“द डिसाइपल”, सफलता की दहलीज पर पहुंचे शास्त्रीय संगीतज्ञों की दुनिया को दिखाती है। फिल्म में एक भारतीय संगीतकार को दिखाया गया है जो अपनी कला में शुद्धता लाने का प्रयास करता है क्योंकि वह अपने पिता और गुरु द्वारा महान कलाकारों की कहानियां सुनते हुए बड़ा हुआ है।