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B R Chopra: खड़ा किया ऐसा प्रोडक्शन हाउस जिसने सिनेमा को दीं हिट फिल्में, फिर अचानक सब कैसे हो गया बर्बाद?

Tue, 05 Nov 2024 09:01 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

हिंदी सिनेमा के नामी निर्माता-निर्देशक रहे बीआर चोपड़ा ने अपने प्रोडक्शन हाउस बीआर फिल्म्स की स्थापना की। इसके बैनर तले कई सफल फिल्मों का निर्माण किया। लेकिन आज कोई इसका नामलेवा नहीं है। आखिर ऐसी क्या वजहें रहीं? गौर करते हैं...
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B R Chopra - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बलदेव राज चोपड़ा, सिनेमा की ऐसी शख्सियत जिन्होंने कई लोकप्रिय फिल्मों की सौगात दी। और इससे भी बढ़कर छोटे परदे की दुनिया में 'महाभारत' जैसा धारावाहिक रच दिया। उन्हीं बी आर चोपड़ा की आज पुण्यतिथि है। इनका जन्म 22 अप्रैल 1914 को तत्कालीन पंजाब के लुधियाना हुआ था। लाहौर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद 1944 से बी आर चोपड़ा मासिक पत्रिका सिने हेराल्ड से जुड़ गए। उन्होंने फिल्म 'अफसाना' से अपने करियर की शुरुआत की। साल 1955 में बलदेव राज चोपड़ा ने अपना खुद का प्रोडक्शन हॉउस बीआर फिल्म्स शुरू किया। कई सफल फिल्में देने के बाद यह प्रोडक्शन हाउस बर्बादी की कगार पर आ गया। आइए टोटलते हैं उसके कारण...

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बंदा ये बिंदास है की मेकिंग से शुरू हुए उल्टे दिन
प्रोडक्शन हॉउस बीआर फिल्म्स के बैनर तले पहली फिल्म 'नया दौर' बनी थी। इस फिल्म में दिलीप कुमार और वैजंतीमाला मुख्य किरदार में थे। इसके बाद उन्होंने गुमराह, साधना, हमराज, कानून, पति पत्नी और वो, निकाह, बाबुल, कर्म, एक ही रास्ता जैसी सुपरहिट फिल्में दीं। लेकिन, फिल्म 'बिंदा ये बिंदास है' की मेकिंग के दौरान इस प्रोडक्शन हाउस के उल्टे दिन शुरू हो गए। इस फिल्म के दौरान उन पर साहित्यिक चोरी का आरोप लगा।
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साहित्यिक चोरी का लगा आरोप
कॉमेडी फिल्म बंदा ये बिंदास है में गोविंदा, तब्बू, लारा दत्ता और बोमन ईरानी जैसे सितारे लिए गए। हॉलीवुड से कंटेंट लेकर बॉलीवुड फिल्मों में इस्तेमाल करने का चलन रहा। लेकिन, इस फिल्म फिल्म की मेकिंग के दौरान ऐसा करना भारी पड़ गया। इस फिल्म के निर्देशन का जिम्मा रवि चोपड़ा ने संभाला। ऐसा पहली बार हुआ कि उन पर केस हो गया। केस में पैनल्टी इतनी ज्यादा लगी कि इसके चक्कर में बीआर फिल्म्स बर्बाद हो गया। प्रोडक्शन हाउस पर छाए मुसीबतों के बादलों को छांटते हुए रवि चोपड़ा का साल 2014 में निधन हो गया। उनके बाकी दो बच्चे भी अब गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं। 'बंदा ये बिंदास है' को लेकर 20वीं सेंचुरी फॉक्स ने निर्माता बीआर फिल्म्स के खिलाफ साहित्यिक चोरी का मुकदमा किया था। केस में आरोप लगाया गाय कि उनकी 1992 में आई फिल्म 'माई कजिन विन्नी' की नकल करके 'बंदा ये बिंदास है' बनाई गई है। इस चक्कर में फिल्म भी ठंडे बस्ते में चली गई।

शाहरुख खान आए मदद का हाथ बढ़ाने
डूब चुके बीआर फिल्म्स की मदद शाहरुख खान ने करनी चाही। उन्होंने साल 2017 में फिल्म 'इत्तेफाक बनाई। यह फिल्म बीआर चोपड़ा द्वारा निर्मित 1969 में आई फिल्म 'इत्तेफाक' का रीमेक थी। इसका निर्देशन बीआर चोपड़ा के पोते अभय चोपड़ा ने किया। फिल्म में अक्षय खन्ना, सिद्धार्थ मल्होत्रा और सोनाक्षी सिन्हा ने काम किया। शाहरुख खान मदद करने भले आए, लेकिन कहा जाता है कि इसके राइट्स शाहरुख खान के पास थे। इसे बीआर फिल्म्स के अलावा शाहरुख खान के रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनाया गया।
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महाभारत का कनेक्शन?
ऐसा कहा जाता है और माना जाता है कि 'महाभारत' को घर में नहीं रखना चाहिए। इससे नकारात्मकता आती है। बीआर चोपड़ा ने 'महाभारत' धारावाहिक का निर्माण किया। यह धारावाहिक खूब लोकप्रिय हुआ और आज भी इसे लोग देखना पसंद करते हैं। कहा जाता है कि दूरदर्शन पर जब ये सीरियल आता था तो सड़कें सूनी हो जाया करती थीं। लेकिन, इस धारावाहिक के बाद बीआर फिल्म्स भी सूना सा हो गया। 'महाभारत' के बाद यह सर्वाइव नहीं कर सका। कहा यह भी गया है कि 'महाभारत' पर जिसने भी फिल्म या सीरियल बनाए, उनके साथ कुछ न कुछ अड़चनें आई। एक उदाहरण बीआर फिल्म्स को भी माना जाता है। 
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कुछ शर्ते, जो पसंद न आईं
बेशक बीआर चोपड़ा की फिल्में सिनेमा की दुनिया में सफलता की नई इबारत लिख रही थीं। लेकिन, कहा जाता है कि फिल्मों की ये सफलता कहीं न कहीं उनमें घमंड ला रही थीं। कहा जाता है कि ‘नया दौर’ के वक्त वे पूरी टीम के साथ एक कॉन्ट्रेक्ट साइन करना चाहते थे। इसके तहत वे सभी किसी और प्रोडक्शन हाउस के साथ काम नहीं कर सकते थे। यह प्रस्ताव लेकर बीआर चोपड़, रफी साहब के पास गए लेकिन रफी को बात समझ नहीं आई। उन्होंने बड़े सम्मान के साथ कहा कि वे जनता की आवाज हैं और वे हर निर्माता निर्देशक के लिए काम करेंगे। बस, यह बात चोपड़ा साहब को अखर गई और उन्होंने अपनी फिल्मों में रफी को ना लेने का निर्णय लिया। शायद इस तरीके ने भी कहीं न कहीं नेगेटिव प्रभाव छोड़ा।
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