इस वजह से चली सेंसर बोर्ड की कैंची
गाइलाइंस के मुताबिक फिल्म पर सीबीएफसी ने कुछ कट्स लगाए हैं। इसका कारण बताते हुए सेंसर बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि फिल्म के कुछ हिस्से और संवाद उत्तेजक, सांप्रदायिक, हिंसा भड़काने वाले हैं और संभावित रूप से सिख युवाओं को कट्टरपंथी बना सकते है। साथ ही ये भारत की अखंडता और संप्रभुता और दूसरे देशों से मैत्रीपूर्ण माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। बोर्ड ने फिल्म के कुछ संवाद हटाने, इसमें डिस्क्लेमर देने के साथ फिल्म के शीर्षक को हटाने का भी निर्देश दिया है।
कोर्ट पहुंचे निर्माता
सीबीएफसी द्वारा दी गई कटौती से व्यथित होकर, आरएसवीपी मूवीज (यूनिलेजर वेंचर्स) ने सिनेमैटोग्राफ अधिनियम की धारा 5सी के तहत बॉम्बे हाई कोर्ट के समक्ष अपील दायर की, जिसमें अनुच्छेद 19(1)(ए) का उल्लंघन होने के आधार पर कटौती को चुनौती दी गई। इस मामले की सुनवाई 14 जुलाई को होगी।
पिछले साल सेंसर बोर्ड के पास भेजी गई थी फिल्म
बता दें कि फिल्म को दिसंबर 2022 में प्रमाणन के लिए सीबीएफसी के सामने प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, प्रमाणन में काफी देरी हुई और तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद जब सीबीएफसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तब आरएसवीपी ने मई 2023 में बॉम्बे हाई कोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर की गई। इसमें प्रमाणन के लिए आवेदन पर निर्णय लेने के लिए सीबीएफसी के खिलाफ निर्देश देने की मांग की गई थी।
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