इस वजह से फिल्म का नाम रखा सत्या
फिल्म कंपेनियन के साथ हाल ही में एक साक्षात्कार में निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने फिल्म को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए। इस दौरान उन्होंने इस राज से भी पर्दा उठा दिया कि आखिर उनकी इस फिल्म का नाम सत्या क्यों रखा गया। निर्देशक ने कहा कि उन्होंने अपनी फिल्म का नाम उस लड़की के कारण रखा, जिससे वह कॉलेज में प्यार करते थे। रामू ने कहा, "सत्या उस लड़की का नाम था, जिससे मैं कॉलेज में प्यार करता था। मैं चाहता था कि वह इंप्रेस हो। यही एकमात्र कारण था। इसको उचित ठहराने के लिए मैंने चक्रवर्ती के किरदार का नाम सत्या रखा था।"
मनोज को दिया भीकू का रोल
उन्होंने आगे कहा, "वास्तव में मेरे दिमाग में कोई नायक नहीं था। बात सिर्फ इतनी है कि नायक का नाम सत्या है, अन्यथा यह फिल्म सबकी है। ऐसा नहीं है कि कोई नायक है और कोई और खलनायक की भूमिका निभा रहा है।" इस बातचीत के दौरान, रामू ने यह भी बताया कि शुरुआत में मुख्य भूमिका के रूप में मनोज बाजपेयी को चुनने के बावजूद, उन्होंने बाद में उन्हें भीकू म्हात्रे की भूमिका निभाने के लिए क्यों कहा। निर्देशक को लगा कि भीकू के किरदार के साथ न्याय करने के लिए एक विश्वसनीय अभिनेता की जरूरत है। इसलिए उन्होंने बाजपेयी से सत्या की नहीं बल्कि भीकू की भूमिका पर विचार करने का अनुरोध किया।
'बंदा' में आए थे नजर
बता दें कि बाजपेयी ने पहले एक साक्षात्कार में खुलासा किया था कि जब उन्हें पता चला कि वह अब मुख्य भूमिका नहीं निभाएंगे तो उनका दिल टूट गया था। वर्क फ्रंट की बात करें तो हाल ही में मनोज एक बंदा ही काफी है फिल्म में नजर आए थे। ओटीटी पर रिलीज हुई यह फिल्म लोगों को काफी पसंद आई थी बाद में इसे सिनेमाघरों में भी प्रदर्शित किया गया था।
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