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अमिताभ बच्चन को दादा साहब फाल्के पुरस्कार, कहा- कहीं यह घर पर आराम से बैठने का इशारा तो नहीं

Sun, 29 Dec 2019 06:24 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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दादा साहब फाल्के पुरस्कार लेते अमिताभ बच्चन - फोटो : ANI
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया है। इस खास मौके पर उनके साथ पत्नी जया बच्चन और बेटे अभिषेक बच्चन साथ नजर आए।

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दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित अमिताभ बच्चन ने रविवार को कहा कि वह भविष्य में और अधिक काम करने के लिए उत्सुक हैं। 77 वर्षीय अभिनेता ने पुरस्कार ग्रहण करने के बाद मजाक में कहा कि जब इस पुरस्कार की घोषणा की गई तो मेरे दिमाग में एक शंका उठी कि कहीं यह इस बात का इशारा तो नहीं कि अब आप घर में बैठिए और आराम करिए, आपने बहुत काम कर लिया है।

उन्होंने कहा कि अभी बहुत सारा काम है जिसे खत्म करना बाकी है। आगे भी कुछ ऐसी संभावनाएं बन रही हैं जहां मुझे कुछ काम करने का मौका मिलेगा। वह केवल इस पर कुछ स्पष्टीकरण चाहते हैं।  
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उन्होंने कहा कि मुझ पर भगवान की काफी कृपा है और माता-पिता का आशीर्वाद रहा है। साथ ही फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और साथी कलाकारों का भी साथ रहा है लेकिन सबसे ज्यादा देश की जनता का प्यार और हौसलाअफजाई मिलती रही जिसकी वजह से मैं आपके सबके सामने खड़ा हूं।

इस पुरस्कार की स्थापना 50 साल पहले हुई और इतने ही साल मुझे फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिला। इसका भी मैं आभारी हूं। इस सम्मान को विनम्रता से स्वीकार करता हूं।

राष्ट्रपति भवन में हुए सम्मान समारोह में अमिताभ की पत्नी जया बच्चन, बेटा अभिषेक बच्चन भी मौजूद थे। साथ ही राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के सभी विजेता भी उपस्थित रहे। पुरस्कार विजेताओं के सम्मान में राष्ट्रपति ने हाई-टी मेजबानी की।

'सात हिंदुस्तानी' थी बिग बी की पहली फिल्म

Amitabh Bachchan - फोटो : Social Media
23 दिसंबर को 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आयोजन के समय अमिताभ बच्चन उपस्थित नहीं हो पाए थे। बीमार होने की वजह से अमिताभ बच्चन को डॉक्टर द्वारा सफर ना करने की हिदायत दी गई थी। अमिताभ बच्चन ने 22 दिसंबर की शाम को एक ट्वीट के माध्यम से खुद यह जानकारी शेयर की थी।

अमिताभ बच्चन बॉलीवुड में 'मेगा स्टार' और 'बिग बी' के नाम से भी मशहूर हैं। गौरतलब है कि उनकी पहली फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' थी, जो 1969 में रिलीज हुई थी। 1973 में प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी फिल्म 'जंजीर' से अमिताभ बच्चन ने बॉक्स ऑफि़स पर कामयाबी की जो सीढ़ियां चढ़ना शुरू कीं तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। करीब दो दशक तक वे हिंदी फिल्मों के सबसे सफल नायक बने रहे। एक दौर ऐसा भी आया जब अमिताभ का फिल्मी करियर डावांडोल होने लगा था।

ये फिल्में होने वाली हैं रिलीज
अमिताभ की अगले साल चार फिल्में गुलाबो सिताबो, चेहरे, झुंड और ब्राह्मास्त्र रिलीज होंगी। 

2015 में मिला था पद्म विभूषण

amitabh bachchan - फोटो : social media
इसके बाद अमिताभ ने फिर से नए सिरे से काम शुरू किया और नए निर्देशकों के साथ नए प्रयोग किए। उन्होंने 'ब्लैक' और 'पा' जैसे प्रयोगधर्मी फिल्में कीं। उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति के जरिये टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा और यहां भी इतिहास रच दिया। केबीसी को होस्ट करते हुए उन्हें लगभग दो दशक पूरे होने वाले हैं।

अमिताभ को बॉलीवुड में 50 साल हो चुके हैं और इस दौरान उन्हें चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 15 फिल्मफेयर सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं। 2015 में उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था।

दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड सिनेमा के क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा पुरस्कार है। अमिताभ बच्चन से पहले कई अभिनेताओं व अभिनेत्रियों को यह पुरस्कार मिल चुका है। सबसे पहला दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड अभिनेत्री देविका रानी को दिया गया था। उन्हें 17वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह में इस पुरस्कार से नवाजा गया था। यहां देखिए पूरी लिस्ट।
 
साल

विजेता

1969 देविका रानी
1970 बिरेंद्रनाथ सरकार
1971 पृथ्वीराज कपूर
1972 पंकज मल्लिक
1973 पंकज मल्लिक
1974 बीएन रेड्डी
1975 धीरेंद्रनाथ गांगुली
1976 कानन देवी
1977 नितिन बोस
1978 रायचंद बोरल
 

साल 1981 संगीतकार नौशाद को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से स्मानित किया गया।
1979 सोहराब मोदी
1980 पैदी जयराज
1981 नौशाद
1982 एलवी प्रसाद
1983 दुर्गा खोटे
1984 सत्यजीत रे
1985 वी. शांताराम
1986 बी नागी रेड्डी
1987 राज कपूर
1988 अशोक कुमार
 
सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को 1989 में दादा साहब फाल्के सम्मान से नवाजा गया था।
1989 लता मंगेशकर
1990 अक्कीनेनी नागेश्वर राव
1991 भालजी पेंधरकर
1992 भूपेन हजारिका
1993 मजरूह सुल्तानपुरी
1994 दिलीप कुमार
1995 राज कुमार
1996 शिवाजी गणेसन
1997 कवि प्रदीप
1998 बीआर चोपड़ा
 
बॉलीवुड में लगभग 6 दशक से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले सदाबहार अभिनेता देवानंद को 2002 में इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
 
1999 ऋषिकेश मुखर्जी 
2000  आशा भोसले
2001 यश चोपड़ा
2002 देवानंद
2003 मृणाल सेन
2004 अदूर गोपालकृष्णन
2005 श्याम बेनेगल
2006 तपन सिन्हा
2007 मन्ना डे
2008 वीके मूर्ति

 
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अपने बेमिसाल अभिनय से हर किरदार में प्राण डालने वाले अभिनेता प्राण को भी ये सम्मान मिल चुका है।
2009 डी. रामनायडू
2010 के. बालचंद्र
2011 सौमित्र चटर्जी
2012 प्राण
2013 गुलजार
2014 शशि कपूर
2015 मनोज कुमार
2016 कासीनाथुनी विश्वनाथ
2017 विनोद खन्ना
2018 अमिताभ बच्चन
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