40 से 45 साल पहले की बात है। अमिताभ बच्चन अभी अपने करियर की शुरुआत ही कर रहे थे। उन्होंने फिल्मों में किस्मत आजमाने से पहले रेडियो में अपना भविष्य बनाने की सोची और रेडियो प्रस्तोता बनने की चाह लिए 'आल इंडिया रेडियो' के स्टेशन जा पहुंचे। उस दौरान अमीन सयानी 'ऑल इंडिया रेडियो' के अनाउंसर हुआ करते थे।
रेडियो की दुनिया को जानने वाले अमीन सयानी की आवाज को बखूबी पहचानते हैं। वह, उस दौरान 'बीनाका गीतमाला' नामक प्रोग्राम चाहते थे और बड़ी एनर्जी व मेलोडियस अंदाज में 'बहनों और भाईयों' कहा करते थे। 'आल इंडिया रेडियो' में उनका काफी दबदबा हुआ करता था। किसी को AIR में रखने या निकालने का निर्णय भी उनकी सलाह पर लिया जाता है।यही कारण था कि अमिताभ बच्चन का जॉब एप्लीकेशन भी उन्हीं के पास गया।
एक इंटरव्यू के दौरान अमीन सयानी ने बताया था, 60 के दशक में मैं एक हफ्ते में 20 शोज किया करता था। इतना ही नहीं मैं रेडियो प्रोग्रामिंग के हर प्रक्रिया में शामिल था, इस वजह से मेरे पास बिल्कुल समय नहीं हुआ करता था। एक दिन एक लड़का, जो आ सदी का महानायक है, ऑल इंडिया रेडियो के मुंबई स्टूडियो में बिना अपॉइंटमेंट ही ऑडिशन देने पहुंच गया। मैंने उनकी आवाज सुने बिना ही उसे रिजेक्ट कर दिया।
अमीन सयानी ने कहा कि जब कुछ समय बाद मैंने अमिताभ की फिल्म 'आनंद' देखी, तब मुझे उनकी बेमिसाल आवाज का अंदाजा और अपनी गल्ती का एहसास हुआ। आज, मुझे उस इनकार का खेद है। लेकिन, मुझे लगता है कि जो हुआ वह हम दोनों के लिए अच्छा था। सोचिए, अगर वो रेडियो की दुनिया में आ जाते तो मैं सड़कों पर होता और उसे रेडियो पर इतना काम मिलता कि भारतीय सिनेमा अपना सबसे बड़ा अभिनेता खो देता।