'द सिग्नेचर' का ट्रेलर
- फोटो : वीडियो ग्रैब
कोविड के दौरान हर किसी को था डर
कोविड के बाद दुनिया का कोई ऐसा इंसान नहीं है, जिसने किसी अपने को नहीं खोया और इसका एहसास नहीं किया। उसमें हम सब जीवन के उस दौर से गुजरे हैं, जहां किसी को अस्पताल जाना पड़ा या डॉक्टरों से पाला पड़ा लेकिन कोरोना के समय डर ऐसा था कि हमारे परिवार वाले वापस आएंगे या नहीं। हालांकि, फिल्म से किसी का कोई लेना देना नहीं है।
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'द सिग्नेचर' का ट्रेलर
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अनुपम खेर ने बताई 'सिग्नेचर' की कहानी
मध्यम वर्गीय परिवार का शख्स है अरविंद, जिसका किरदार मैं निभा रहा हूं। अरविंद अपने जीवन भर की पूंजी जुटा कर रिटायरमेंट के बाद घर लेकर पत्नी के साथ रहता है। दोनों यूरोप घूमने जाते हैं, एयरपोर्ट पर उस महिला को ब्रेन हेमरेज हो जाता है और वो कोमा में चली जाती है। उसे बाद में वेंटिलेटर में रखा जाता है। इस पर डॉक्टर कहते हैं कि आप हमें इजाजत दें कि हम ये वेंटिलेटर हटाएं। इस पर अरविंद पूछता है कि अगर वेंटिलेटर हटाते हैं तो क्या होगा। इस पर डॉक्टर कहते हैं कि हम कुछ नहीं कहते हैं कि क्या होगा क्या नहीं। हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। इस पर अरविंद कहता है कि फिर मैं कैसे साइन कर सकता हूं।
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'द सिग्नेचर' का ट्रेलर
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