सोमवार को कांग्रेस महासचिव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह को क्यों बचा रही है? मणिपुर मुद्दे पर प्रधानमंत्री चुपप्पी क्यों साधे हुए हैं, यह उनकी लापरवाही है या अनदेखी। उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी हिंसा के बाद भी प्रधानमंत्री ने राज्य का न दौरा किया, न ही किसी राज्य के नेता आदि से बात की, न ही किसी को मिलने का समय दिया।
मणिपुर में मई 2023 के बाद हिंसा भड़की थी, स्थिति यहां तक बिगड़ गई है कि गृहयुद्ध के कगार पर हैं, सभी कानून और न्याय व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हिंसा में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं, 60000 से अधिक लोग चले गए हैं, राज्य पुलिस के हथियारों की चोरी हो चुकी है। यही नहीं बीएसएफ सैनिकों पर गोली चली है, कई पुलिसकर्मी मारे गए हैं, भीड़ सरकारी कार्यालयों में घुस गई है। 11 मार्च को मैतई गांव को जला दिया गया। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सवाल किया कि प्रधानमंत्री खामोश क्यों है, प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह को बचा क्यों रहे हैं? प्रधानमंत्री इस मुद्दे से जुड़ना क्यों नहीं चाह रहे हैं?
जयराम रमेश ने यह पोस्ट गृह मंत्री अमित शाह के चुनाव अभियान से पहले किया। उन्होंने कहा कि अब गृहमंत्री को हिंसा प्रभावित राज्य में आने का समय मिल गया। पीएम ने तो एक तब से अब तक राज्य का एक भी दौरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि गृहमंत्री पीएम की तरफ से कुछ सवालों के जवाब देंगे।
राहुल ने दो बार किया दौरा, स्थिति समझने की कोशिश की
रमेश ने पोस्ट के जरिए बताया कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा के बाद से दो बार यहां का दौरा किया। लोगों से बात की। वहीं प्रधानमंत्री ने दो बार विपक्ष के मजबूर करने पर तीन मिनट का भाषण दिया।
अगर यूक्रेन में युद्ध रोका तो मणिपुर में क्यों नहीं?
जयराम रमेश ने कहा कि मार्च के अंत में, कई युवाओं और महिलाओं ने उनकी "सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों" को सुनिश्चित करने में असफल रही सत्ता के विरोध में बाहरी मणिपुर लोकसभा क्षेत्र में चुनावों का बहिष्कार करने का फैसला किया। कांग्रेस ने मांग की थी कि मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त किया जाए, उस मांग को पूरा नहीं किया गया।