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LS Polls: थरूर का भाजपा पर तंज, बोले- 400 पार एक मजाक, 300 पार तो असंभव, 200 पार ही चुनौती

Thu, 02 May 2024 03:01 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भाजपा पर तंज करते हुए उनके 400 पार के दावे का मजाक उड़ाया। उन्होंने का 400 पार एक मजाक है, 300 पार असंभव यहांत तक कि 200 पर भी उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। इस बार उनकी हार तय है।
 
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शशि थरूर - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भाजपा पर तंज करते हुए उनके 400 पार के दावे का मजाक उड़ाया। उन्होंने का 400 पार एक मजाक है, 300 पार असंभव यहांत तक कि 200 पर भी उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। इस बार उनकी हार तय है।
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इन दिनों देश में चुनावी हलचल हो रही है। भाजपा का दावा है कि इस बार वह 400 से अधिक सीटों पर अपना कब्जा जमाएगी। वही अन्य पार्टियां भी अपने अस्तित्व को बचाने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। शशि थरूर जो कि तिरुवनंतपुरम से चुनाव लड़ रहे हैं। 26 अप्रैल को यहां मतदान हो चुका है। उन्होंने कहा कि वह अपनी सीट पर बहुत ही आराम से जीत जाएंगे। उन्होंने भाजपा पर तंज करते हुए कहा कि केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में भाजपा को कोई सीट नहीं मिलने वाली। इन  प्रदेश में उनका प्रदर्शन 2019 से भी खराब रहेगा।

शशि थरूर ने पिछले दो महीने अपनी लोकसभा सीट पर पूरी दम लगाकर चुनाव प्रचार किया था। अब वे वापस दिल्ली आ चुके हैं। अब वे देश के अन्य हिस्सों में चुनाव प्रचार करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 190 सीटों पर चुनाव हो चुका है। अभी तक के रुझान को देखते हुए यही कह सकता हूं कि उस पार्टी की इस बार कोई लहर नहीं है। लोग हमारे पक्ष मे हैं। शशि थरूर ने कहा, "मैं कहूंगा कि संतुलन के तौर पर, हम इस समय अपनी अपेक्षा से कहीं अधिक आगे हैं। बेशक, अनावश्यक रूप से लंबे समय तक खिंचे इस चुनाव में अभी पांच चरण और बाकी हैं।" उन्होंने कहा कि हमारी जीत की संभावना बढ़ती जा रही है। भाजपा-एनडीए सरकार इस बार बहुमत खो देगी। 
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उन्होंने कहा कि भाजपा का दावा 400 पार एक मजाक है, 300 पार असंभव है और (यहां तक कि) 200 पार भी उनके (भाजपा) लिए एक चुनौती हो सकती है। उन्होंने बताया कि छह राज्यों में, भाजपा ने हर सीट जीती, जबकि तीन राज्यों में, उसने एक सीट को छोड़कर सभी सीटें जीतीं, और दो राज्यों में, उसने दो को छोड़कर सभी सीटें जीतीं। वहीं हरियाणा में, कांग्रेस ने कोई सीट नहीं जीती और (जनमत) सर्वेक्षण इस बार हमारे लिए पांच-सात सीटों का संकेत दे रहे हैं। कर्नाटक में कांग्रेस ने एक सीट जीती और इस बार चुनाव 10-17 के बीच हैं, कुछ तो 20 भी कह रहे हैं। भाजपा अगर कुछ राज्यों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है, तो कहीं वह अपनी सीट खो भी रही है।

तमिलनाडु केरल में मिलेंगी 0 सीटें
शशि थरूर ने दावा किया कि केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भाजपा को ''शून्य'' सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में उन्हें मुट्ठी भर सीटें मिली हैं और उन्हें उन पर कब्जा करने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। वहीं भाजपा का कर्नाटक में जीत पाना मुश्किल है। 2019 में बीजेपी ने कर्नाटक की 28 में से 25 सीटें जीतीं. तेलंगाना में उसे 17 में से चार सीटें मिलीं। उत्तर और दक्षिण दोनों में भाजपा की जहां थी वहां से नीचे आई है जबकि कांग्रेस कितना अच्छा प्रदर्शन करती हैं और भारतीय ब्लॉक पार्टियां कितना अच्छा प्रदर्शन करती हैं अभी देखा जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि अभी 353 सीटों पर मतदान होना बाकी है।

भाजपा के मुताबिक नहीं चल रही चीजें
भाजपा के हालात देखते हुए उन्होंने कहा कि सभी संकेत इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि भाजपा के लिए संघर्ष कठिन है क्योंकि इस समय चीजें भाजपा के अनुसार नहीं चल रही हैं। उन्होंने कहा, "एक भारतीय नागरिक के तौर पर मैं निष्पक्ष रूप से पूछता हूं कि युवा ने 2014 में भाजपा को वोट दिया था क्योंकि उसे नौकरी देने का वादा किया गया था। वह 10 साल बाद भी भाजपा को वोट क्यों देगा, जबकि उसके पास अभी भी नौकरी नहीं है। 

अर्थशास्त्री कहते है 10 सालों में आय में गिरावट आई है
शशि थरूर ने कहा कि सभी अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि भारत की 80 प्रतिशत आबादी ने पिछले 10 वर्षों में अपनी आय में गिरावट देखी है। ये 80 प्रतिशत भाजपा को वोट क्यों देना चाहेंगे जिसने उन्हें उस संकट में डाल दिया है। 2014 में भाजपा अर्थशास्त्र पर चली। लेकिन यह आर्थिक रूप से एक विनाशकारी सरकार थी। 2019 में यह राष्ट्रीय सुरक्षा पर चली, जिसमें पुलवामा और बालाकोट पूरे उत्तर भारत में प्रमुख विषय थे। उन्होंने कहा, ''वे (भाजपा) इस बार अर्थव्यवस्था पर नहीं चल सकते क्योंकि उन्होंने अर्थव्यवस्था को गलत तरीके से संभाला और लोगों के पास नौकरियां नहीं हैं। लोग बाजार में वह नहीं खरीद सकते जो वे कुछ साल पहले खरीद सकते थे।

हमारी सीमा कुतर रहा है चीन
शशि थरूर ने कहा कि पीएम राष्ट्रीय सुरक्षा पर अब बात नहीं करते। जबकि हर कोई जानता है कि चीन हमारी सीमा को कुतर रहा है और 65 गश्त बिंदुओं में से 26 ऐसे हैं जहां दोनों सेनाएं गश्त करती थीं। लेकिन अब वहां भारतीय सेना की पहुंच नहीं है। उन्होंने कहा, ''हम इस चुनाव को बहुत जल्दी कर सकते थे और धूल चटा सकते थे। खासकर ऐसे समय में जब हमारे प्रधानमंत्री 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के बारे में बोल रहे हैं। क्या यह दिखाने का कोई मतलब है कि एक सभा के लिए चुनाव कराने में हमें इतना समय लगता है? वह भी तब जब हमारे पास चुनाव कराने का इतना अनुभव है।'' चुनाव आयोग को कई राज्यों में एक ही चरण में चुनाव करवाना चाहिए थे। 
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