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LS polls: सोशल मीडिया पर एक्टिव हुआ चुनाव आयोग, मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए शुरु किए ये अभियान

Sun, 07 Apr 2024 07:12 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

LS polls: युवा और शहरी मतदाताओं को वोट देने के लिए प्रेरित करने के लिए चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर अलग अलग अभियान शुरू किए हैं। 

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मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार - फोटो : यू-ट्यूब- चुनाव आयोग
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विस्तार
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देशभर में लोकसभा चुनाव की बयार चल रही है। एक तरफ राजनीतिक दल मतदाताओं को रिझाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग भी मतदान प्रतिशत बढ़ाने की तरफ ध्यान दे रहा है। इसके लिए चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर अलग अलग अभियान चलाने शुरू कर दिए हैं। युवा और शहरी मतदाताओं को लोकसभा चुनाव में मतदान करने के लिए प्रेरित करने के लिए चुनाव निगरानी संस्था द्वारा एक अभियान भी शुरू किया है। इसमें मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि वे सोशल मीडिया पर चुनाव से संबंधित जो कुछ भी देखते हैं, उसे पहले सत्यापित करें और फिर उसका प्रचार करें। 

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चुनाव आयोग ने चलाए ये अभियान
बता दें कि लोकसभा चुनाव के लिए मतदान का पहला चरण 19 अप्रैल से शुरू होगा और 1 जून को आखिरी चरण होगा। इसे लेकर चुनाव आयोग का कहना है कि 'टर्निंग 18' अभियान के माध्यम से युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं को प्रेरित किया जा रहा है। युवाओं से मतदान करने के लिए मतदान केंद्र पर आने का आग्रह किया जा रहा है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने 'आप एक हैं' अभियान भी चलाया है। इसके तहत मतदान मशीनरी सहित चुनाव प्रक्रिया के महत्व को समझाने की कोशिश की गई है। इस तरह यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी मतदाता पीछे न छूटे।

फर्जी सूचनाओं को रोकने के लिए शुरू की यह पहल
ऑनलाइन फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने 'VerifyBeforeYouAmplify' पहल की शुरुआत की है।  मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा था कि इस अभियान का उद्देश्य फर्जी खबरों का भंडाफोड़ करना है। इस अभियान का मकसद लोगों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करने से पहले सावधानी बरतने का आग्रह करना है। चुनाव आयोग ने रविवार को कहा कि इसका उद्देश्य मतदाताओं को सोशल मीडिया पर कोई सूचना साझा करने से पहले उसकी सटीकता और प्रामाणिकता को सत्यापित करने के लिए सशक्त बनाना है, जिससे गलत सूचना के प्रसार को कम किया जा सके और चुनावी प्रक्रिया की अखंडता की रक्षा की जा सके।

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