लोकसभा चुनाव के दौरान अब तक उमा भारती ने भाजपा के किसी भी उम्मीदवार का प्रचार नहीं किया है। वे पहली बार केवल सिंधिया के लिए प्रचार करने मैदान में उतरी हैं, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ और शिवराज सरकार में मंत्री रहीं यशोधरा राजे सिंधिया ने अब तक उनके लिए एक अपील भी नहीं की है। हालांकि, यशोधरा राजे सोशल मीडिया पर सक्रिय जरूर हैं। उनके हैंडल्स से भाजपा और पीएम मोदी से जुड़े कंटेंट पोस्ट किए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती पिछले कई दिनों से उत्तराखंड में थीं। वे 26 अप्रैल को मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले स्थित अपने गांव पहुंची थीं। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि मैं अपने गांव डूंडा वोट डालने के लिए आई हूं। उमा भारती अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं। वे विरोधियों के साथ-साथ अपने भाजपा के नेताओं को भी आईना दिखाने से नहीं चूकती हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान उमा भारती ने कुछ सीटों पर जरूर प्रचार किया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के परिदृश्य से वे दूर रहीं।
भारती ने कहा था कि वे लोकसभा चुनाव प्रचार से दूर रहेंगी। लेकिन अब वे चुनाव प्रचार में उतर गई हैं। बुधवार को वे गुना-शिवपुरी लोकसभा से भाजपा उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए आम सभा को संबोधित करेंगी। साथ ही शिवपुरी शहर में एक रोड शो भी करेंगी। इसके अलावा भारती करैरा विधानसभा के सिरसौद गांव में ग्वालियर लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार भारत सिंह कुशवाहा के लिए चुनावी सभा भी करेंगी।
उमा ने इसलिए किया सिंधिया का समर्थन
दरअसल, भाजपा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को गुना लोकसभा सीट से टिकट दिया था, तब भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि मेरा आर्शीवाद उनके साथ है। उनका भविष्य उज्जवल है। उमा भारती ने पोस्ट में लिखा था कि सिंधिया ने एक सभा के दौरान मेरा और उनकी दादी के संबंधों का जिक्र किया था। उनकी दादी और मेरी अम्मा ने मुझे आठ साल की उम्र में दमोह में प्रवचन करते हुए सुना था। फिर उनके जीवन की अंतिम सांस तक मेरे और उनके संबंधों की अटूट डोर बंधी रही। मैं उनकी पांचवी और सबसे प्रिय बेटी हो गई थी।
भारती की बात करें, तो वे केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के साथ ही नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में भी मंत्री रह चुकी हैं। उनकी पिछड़े वर्ग में गहरी पैठ है और वह स्वयं लोधी वर्ग से आती हैं। राम मंदिर के आंदोलन में उनकी बड़ी भूमिका रही, वहीं वे हिंदूवादी राजनीति का बड़ा चेहरा भी हैं। उनका मध्यप्रदेश सहित यूपी के कई हिस्सों में प्रभाव रहा है।