लोकसभा का चुनावी महासंग्राम अपने चरम पर पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश की हॉट सीटों में शामिल अमेठी और रायबरेली में भी मुकाबला रोमांचक हो गया है। रायबरेली सीट से इस बार राहुल गांधी मैदान में उतरे हैं, उनका मुकाबला भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह से है। जबकि अमेठी सीट से कांग्रेस ने गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले किशोरी लाल शर्मा को टिकट दिया है। उनका मुकाबला केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से होगा, जिन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी को चुनाव में हराया था।
इसी बीच कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को जिताने और हराने के लिए मध्यप्रदेश के नेता भी दम लगा रहे हैं। प्रदेश से भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं को रायबरेली भेजा जा रहा है। इनमें से कुछ नेता पहले ही रायबरेली पहुंच चुके हैं। जबकि कुछ नेताओं को सोमवार को मध्यप्रदेश में मतदान होने के बाद भेजा जाएगा। अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट पर पांचवें चरण के तहत 20 मई को मतदान होना है। अंतिम दिनों के प्रचार में मध्यप्रदेश के नेता भी अपना दम दिखाते हुए नजर आएंगे।
इनमें सबसे खास बात यह है कि मध्यप्रदेश से ऐसे नेताओं को इन दो सीटों पर भेजा रहा है, जिनके समाज के वोट वहां ज्यादा संख्या में हैं। जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सोमवार शाम तक रायबरेली पहुंच जाएंगे। शुक्ल को यहां पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे अपने प्रवास के दौरान पूरे लोकसभा क्षेत्र में अलग-अलग बैठक करेंगे। भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए लोगों को प्रेरित भी करेंगे। शुक्ला के अलावा भाजपा संगठन ने कई मंत्रियों और राज्यसभा सांसदों की भी यहां तैनात किया है। ये सभी यहां पर नुक्कड़ सभाएं करते हुए नजर आएंगे।
इधर, कांग्रेस ने दिग्गज नेताओं ने भी इन सीटों पर अपना जमावड़ा लगा दिया है। पूर्व मंत्री और सीधी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश्वर पटेल, विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष हिना कावरे ने मैदान संभाल लिया है। पूर्व विधायक बैजनाथ कुशवाहा और हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में नागौद से कांग्रेस उम्मीदवार रश्मि भी यहां पर पहुंच गई है। इन सभी को क्षेत्रवार और जहां पर उनके समाज के लोग ज्यादा है, उस हिसाब से सभी की ड्यूटी कांग्रेस ने लगाई है।
हाल ही में कांग्रेस पार्टी ने इन दोनों लोकसभा सीटों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की है। इनमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रायबरेली और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अमेठी की जिम्मेदारी दी है। ये दोनों नेता भी अपनी-अपनी टीमों के साथ मैदान में डटे हुए हैं।