योगी आदित्यनाथ ने केवल उत्तर प्रदेश में ही पार्टी का प्रचार नहीं किया है। जनता के बीच उनकी जबरदस्त अपील होने के कारण दूसरे राज्यों से भी उनकी खूब मांग होती रही है। वे अब तक महाराष्ट्र में छह, राजस्थान में चार जनसभा और दो रोड शो, उत्तराखंड में चार, पश्चिम बंगाल-छत्तीसगढ़ में तीन-तीन, बिहार में दो, मध्यप्रदेश-जम्मू में एक-एक जनसभा को भी संबोधित कर चुके हैं।
19 दिन में ही 50 कार्यक्रम
चुनावी पिच पर धारदार बल्लेबाजी करते हुए योगी आदित्यनाथ ने केवल 19 दिनों में ही 50 कार्यक्रम कर अपने इरादों का परिचय दे दिया था। उन्होंने विभिन्न राज्यों में चुनावी सभाओं के साथ-साथ गोरखपुर में रामनवमी, चैत्र नवरात्र और कन्या पूजन कार्यक्रम भी किए। उन्होंने सहयोगी दलों के लिए भी चुनाव प्रचार किया है। उत्तर प्रदेश के बाहर योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर नेता एसएस अहलूवालिया, छत्तीसगढ़ की कोरबा सीट से सरोज पांडेय, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आदि के लिए चुनाव प्रचार किया।
उठाए धारदार मुद्दे
योगी आदित्यनाथ की खास भाषण शैली लोगों को खूब पसंद आ रही है। वे अपनी सभाओं में विकास का मुद्दा खूब जोर-शोर से उठा रहे हैं और 'मोदी की गारंटी' की जमकर चर्चा कर रहे हैं। इसके साथ-साथ वे पाकिस्तान पर भी जमकर हमला बोल रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के कुछ बयानों को लेकर उन्होंने उनके ऊपर जमकर हमला किया और कहा है कि कांग्रेस देश की सभ्यता, संस्कृति के खिलाफ बोल रही है। उन्होंने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'रामद्रोही' और 'राष्ट्रद्रोही' भी करार दिया था।