लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा, बीआरएस और वीबीए नेता बड़ी संख्या में शिवसेना (यूबीटी) में शामिल हो गए हैं। मुंबई स्थित मातोश्री में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जलगांव जिले के नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि निरंकुशता देश के लिए हानिकारक है। केंद्र में गठबंधन सरकार बनाने का आह्वान करते हुए ठाकरे ने कहा कि देश में पहले भी गठबंधन सरकारें रहीं हैं और उन्होंने अच्छा काम किया है।
मजबूत देश और गठबंधन सरकार की दरकार
मातोश्री में उन्होंने कहा कि पहली बार पिछले 10 सालों में देश में इतने बड़े पैमाने पर असंतोष देखने को मिला है। देश को एक मजबूत नेता की आवश्यकता है, जो सभी को साथ लेकर चले। उन्होंने कहा कि निरंकुशता देश के लिए हानिकारक है। एक समय था, जब महसूस किया गया कि देश मेें गठबंधन सरकारों की आवश्यता नहीं है लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव, अटल बिहारी बाजपेयी और मनमोहन सिंह ने अच्छी गठबंधन सरकार चलाकर दिखाई। कुछ अपवादों को छोड़ दें तो गठबंधन सरकारों ने देश में अच्छा काम किया है। हम एक मजबूत देश और गठबंधन सरकार चाहते हैं। हम मजबूत नेता चाहते हैं, जो सभी को साथ लेकर चल सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल गठबंधन सरकार देश में एक बार फिर दे सकते हैं। महा विकास अघाड़ी (एमवीए) पार्टियां जल्द ही राज्य में संयुक्त रैलियां आयोजित करेगी।
शिंदे गुट वाली शिवसेना में खींचतान
वहीं, एकनाथ शिंदे गुट ने महायुति गठबंधन में सीट बटवारे के कारण अपने मौजूदा सांसद भावना गवली (यवतमाल वाशिम), हेमंत पाटिल (हिंगोली) और कृपाल तुमाने (रामटेक) को हटा दिया है, जिससे शिवसेना नेता परेशान हैं। वहीं, आशंका है कि पार्टी मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र से संसद पहुंचे गजानन कीर्तिकर का भी टिकट काट सकती है। महाराष्ट्र की सात सीटों- रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, मुंबई दक्षिण, औरंगाबाद, नासिक, पालघर, ठाणे और सतारा के लिए एनडीए ने अभी तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। बता दें, अविभाजित शिवसेना ने पिछली बार छह सीटें जीतीं थीं।