चुनाव आयोग ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के पहले चरण की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान आयोग ने अपने पर्यवेक्षकों को फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं पर समय रहते अंकुश लगाने का निर्देश दिया। आयोग ने कहा कि सकारात्मक जानकारी आगे बढ़ाने और मतदाताओं को सक्रिय आधार पर तथ्यों से अवगत कराया जाए।
आयोग ने पारदर्शी चुनाव कराने के लिए 127 सामान्य पर्यवेक्षक, 67 पुलिस पर्यवेक्षक और 167 व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू ने सभी पर्यवेक्षकों से पारदर्शी और सबके लिए सामान अवसर उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था को सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही आयोग ने कहा कि राजनीतिक विज्ञापन और पेड न्यूज की सख्त निगरानी की जाए। आयोग ने कहा कि मतदान कर्मियों को भीड़ प्रबंधन के साथ गर्मी से निपटने की भी चाक चौबंद व्यवस्था रखनी चाहिए।
आयोग ने निर्देश दिए कि जनता को उम्मीदवार, राजनीतिक दलों, चुनाव प्रबंधन से जुड़े सभी मोबाइल नंबर और जानकारियां मिले। राज्यों और केंद्रीय पुलिस बलों का विवेकपूर्ण और पूरी तरह से तटस्थ समायोजन किया जाए। 85 वर्ष से अधिक आयु के और दिव्यांगजनों के लिए घर पर मतदान और पोस्टल बैलेट की सुचारू प्रक्रिया का पालन हो। मतदाता सूची राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को मिले।
आयोग ने कहा कि माइक्रो पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाए। इसके अलावा, सभी उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के समक्ष ईवीएम और वीवीपैट के संचालन, ईवीएम की स्ट्रांग रूम में मजबूत सुरक्षा में निगरानी करने, शिकायत निवारण तंत्र मौजूद स्थापित करने,एकीकृत नियंत्रण कक्ष, मतदाता सूचियों के मिलान, आयोग के सभी सोशल मीडिया मंच और एप सक्रिय करने के भी निर्देश दिए गए।