प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो
- फोटो : अमर उजाला
वैसे तो संगीत वह भाषा है, जो दिल से बोली और दिल से ही सुनी जाती है, लेकिन सियासत के फन में दिल की जुबां के साथ इस्तेमाल दिमाग का भी होता है। मगर, जब चुनाव चल रहे हों जनाब, तो सियासत और संगीत का बेमेल जोड़ा भी रंग जमा देता है। सभी पार्टियां अपने-अपने हिसाब से गीत-संगीत के जरिये वोटरों का मूड बनाने में जुटी हैं। इस विधा में भी भाजपा अव्वल है।
चुनाव का एलान होने से पहले ही भाजपा ने चुनावी तराने गुनगुनाने शुरू कर दिए थे। अब तो एक के बाद एक नए गीत जारी किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले...मैं हूं मोदी का परिवार गीत पेश किया गया। अब सपने नहीं हकीकत बुनते, तभी तो सब मोदी को चुनते गीत लॉन्च किया गया है। भाजपा इस गीत के कई हिस्से जारी कर चुकी है। यूट्यूब पर इसे अब तक 7 करेाड़ से ज्यादा लोग देख और सुन चुके हैं।
हकीकत बुनते तभी तो सब मोदी को चुनते
मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए भाजपा ने एक नया वीडियो 12 भाषाओं में जारी किया है। इस गीत के बोल हैं- सपने नहीं हकीकत बुनते हैं, तभी तो सब मोदी को चुनते हैं। इस गीत के जरिये भाजपा मोदी सरकार के किए कामों और वादों को पूरा करने के दावे कर रही है। 3 मिनट 19 सेकंड के इस वीडियो में भारत की बदलती तस्वीर को दिखाया गया है। यह भी दावा किया जा रहा है कि नया गाना पूरे देश की भावना को दर्शाता है। इस नए गाने में 2014 से पहले के हालात और नरेंद्र मोदी के वर्ष 2014 में देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की बदलती तस्वीर को दिखाया गया है। इसमें हर कोने से, हर भाषा को बोलने वाले, अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग, एक स्वर में सामूहिक सपनों की उड़ान के बारे में बता रहे हैं।
कांग्रेस ने पेश किया न्याय गीत
कांग्रेस ने भी अपना एजेंडा मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए न्याय गीत पेश किया है। करीब 2 मिनट 34 सेकंड के वीडियो में कांग्रेस ने पांच न्याय और युवाओं के लिए दी गई गारंटियों का जिक्र किया है। वीडियो के ज्यादातर हिस्सों में राहुल गांधी की यात्राओं के दृश्य हैं। गाने का हुक, तीन रंग लहराएंगे जब न्याय पाएंगे जुबान पर चढ़ता है। करीब एक महीने पहले लॉन्च इस गीत को यूट्यूब पर 3 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
तृणमूल भी पीछे नहीं
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने अपने चुनावी गीत जोनोगोनेर गोर्जन (जोरदार गर्जन) में भाजपा को बंगाल विरोधी बताया है। इसे यूट्यूब पर एक करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं। गीत के दृश्यों में सीएम ममता बनर्जी और भतीजे अभिषक बनर्जी को केंद्र में रखा गया है।
आप व वाम दल दूर
अक्सर चुनावों में गीतों के जरिये अपने एजेंडों को प्रभावी तरीके से रखने वाली आम आदमी पार्टी और वामदलों की तरफ से इसबार अभी तक कोई दिलचस्प चुनावी गीत पेश नहीं किया गया है।