भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी कर चुके एस्ट्रोटर्फ के दो दिग्गज खिलाड़ी अपनी सियासी जीत के लिए किस्मत आजमाएंगे। ओडिशा में हॉकी के उद्गम स्थल माने जाने वाले सुंदरगढ़ जिले से भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष, पूर्व राज्यसभा सदस्य पद्मश्री दिलीप टिर्की बीजद से मैदान में हैं। वहीं, पूर्व कप्तान प्रबोध टिर्की सुंदरगढ़ लोकसभा की तलसारा विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। दिलीप सुंदरगढ़ के ही हैं। वहीं, उनके जूनियर प्रबोध तालसारा विधानसभा सीट से ताल्लुक रखते हैं।
पांच बार के भाजपा सांसद ओराम से सीधा मुकाबला करेंगे दिलीप
दिलीप का सीधा मुकाबला पांच बार के भाजपा सांसद जुएल ओरांव से होगा। दिलीप को उम्मीदवार बनाते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायाक ने कहा था कि आदिवासी बहुल सुंदरगढ़ में हॉकी जीवन जीने का एक तरीका है। यहां छोटे बच्चे हॉकी स्टिक के साथ चलना शुरू करते हैं। ऐसे में दिलीप के लिए यहां से चुनाव लड़ना आसान होगा। 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद 2010 में हॉकी से संन्यास लेने वाले दिलीप पूर्व राज्यसभा सदस्य भी हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की लोकप्रियता के साथ-साथ आदिवासियों के लिए बीजद सरकार के अच्छे काम उन्हें चुनाव जीतने में मदद करेंगे। बीजद आज तक सुंदरगढ़ सीट नहीं जीती है। ओराम यहां से 1998, 1999, 2004, 2014 और 2019 से सांसद रहे हैं।
2014 में 18,829 वोटों से मिली थी हार
दिलीप इससे पहले 2014 में भी ओराम को टक्कर दे चुके हैं। तब ओराम 18,829 वोटों से जीते थे। 10 साल बाद दिलीप और ओराम फिर चुनावी मैदान में आमने-सामने होंगे। दोनों ही नेता आदिवासी समुदाय से हैं।
कांग्रेस को खोया गौरव लौटाने की कोशिश करेंगे प्रबोध टिर्की
प्रबोध टिर्की कांग्रेस का खोया गौरव लौटाने सियासी मैदान में उतरेंगे। यूं तो सीधा मुकाबला भाजपा और बीजद के बीच दिख रहा है, लेकिन प्रबोध की तैयारियां भी जोरों पर हैं। सुंदरगढ़ जिले की तलसारा विधानसभा सीट पर कांग्रेस की स्थिति मजबूत रही है। 1974 से 2019 के बीच यहां हुए 12 विधानसभा चुनावों में से नौ में कांग्रेस उम्मीदवार ही जीते हैं। 39 वर्षीय प्रबोध ने लोगों से मिलने का सिलसिला भी बहुत पहले से ही शुरू कर दिया था। उनका दावा है कि उन्हें लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी होने के अलावा प्रबोध एक अन्य हॉकी आइकन इग्नेस टिर्की के छोटे भाई भी हैं। वह एअर इंडिया में नौकरी छोड़ने के बाद अपने गृह जनपद में वापस लौटे हैं।
युवाओं के बीच दोनों की अलग पहचान
दोनों ही हॉकी खिलाड़ी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं और खासतौर से युवाओं के बीच उनकी अच्छी छवि है। युवाओं ने अब तक दोनों को टीवी पर एक्शन में देखा है। अब इन्हें चुनावी मैदान में अपना कौशल दिखाना है।