यूपी में 100 साल की उम्र से ज्यादा वाले मतदाताओं की संख्या 32,800 है, जबकि 24.2 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिनकी उम्र 80 साल से ज्यादा है।
यहां सबसे ज्यादा 12.2 लाख दिव्यांग मतदाता हैं।
आम चुनाव की तारीखें घोषित होने से पहले निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का काम पूरा कर लिया है। फरवरी तक के आंकड़े बताते हैं कि देश में 100 साल की उम्र से ज्यादा मतदाताओं की संख्या 2.39 लाख है। 80 साल से ज्यादा मतदाताओं की संख्या 1.86 करोड़ है। 18-19 साल के यानी जो पहली बार वोट करेंगे, उनकी संख्या 1.85 करोड़ है। 20 से 29 साल वाले मतदाताओं की संख्या 19.75 करोड़ है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा वरिष्ठ नागरिक मतदाता हैं। यहां 26 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिनकी उम्र 80 साल से ऊपर है। 56,800 मतदाताओं की उम्र 100 साल से ज्यादा है।
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यूपी में 100 साल की उम्र से ज्यादा वाले मतदाताओं की संख्या 32,800 है, जबकि 24.2 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिनकी उम्र 80 साल से ज्यादा है।
यहां सबसे ज्यादा 12.2 लाख दिव्यांग मतदाता हैं।
दक्षिण भारत में जुड़ीं सर्वाधिक महिलाएं
इस बार नई मतदाता के रूप में सबसे ज्यादा महिलाएं दक्षिण भारत में जुड़ी हैं।
केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, गोवा और आंध्र प्रदेश में पुरुषों की तुलना में रिकॉर्ड महिलाएं जुड़ी हैं।
ऐसा रुझान मणिपुर, मेघालय, मिजोरम व नगालैंड में भी देखने को मिला है।
अरुणाचल में 33% वोटर 29 साल से कम
यूपी में 21% ऐसे मतदाता हैं, जिनकी उम्र 29 साल से कम है।
तेलंगाना में 22%, कर्नाटक में 20%, तमिलनाडु में 19%, केरल में 16.4%, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और झारखंड में 27%, अरुणाचल प्रदेश में 33% और दादर नगर हवेली में 3.8% मतदाता 29 साल से कम के हैं।
48,000 से अधिक मतदाता ट्रांसजेंडर हैं।
यूरोप, उत्तर व दक्षिण अमेरिका की आबादी से ज्यादा मतदाता
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देश में वोटरों की संख्या यूरोप और उत्तर-दक्षिण अमेरिका महाद्वीपों की कुल जनसंख्या से भी अधिक है। 2019 में 91.1 करोड़, 2014 में 83.4 करोड़ मतदाता थे। 1951 में पहले चुनाव में मतदाता केवल 17.3 करोड़ थे, फिर भी यह उस समय का सबसे बड़ा चुनाव बन गया था।
12 लाख से ज्यादा मतदान बूथ
2019 में 10 लाख मतदान केंद्रों के मुकाबले, इस बार लगभग 12 लाख बूथ हैं। मतदान कर्मचारियों की तैनाती 1.2 करोड़ से बढ़कर 1.5 करोड़ हो सकती है, जो कि कई देशों के मतदाताओं से अधिक है।