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सियासत में वंशवाद की नई बेल: कई युवाओं के लिए लॉन्चिंग पैड तैयार, पुराने वटवृक्ष भी कायम; जानिए प्रमुख चेहरे

Mon, 08 Apr 2024 05:49 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राजनीतिक वंशवाद की नई पौध में सबसे चर्चित नाम हैं रोहिणी आचार्य। वह अपने बीमार पिता पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को किडनी दान कर सुर्खियों में आई थीं। रोहिणी सारण सीट से चुनाव लड़ेंगी।
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रोहिणी आचार्य, अरुण भारती, शांभवी चौधरी, विवेक ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के सबसे रसूखदार सियासी परिवार से ताल्लुक रखने वाली रोहिणी आचार्य इस बार लोकसभा चुनाव लड़कर अपना राजनीतिक करिअर शुरू करेंगी। लालू-राबड़ी परिवार से राजनीति में कदम रखने वाली वह आठवीं सदस्य हैं। इसी तरह, जदयू के दिग्गज नेता अशोक चौधरी की पुत्री शांभवी चौधरी लोजपा (आर) के टिकट पर समस्तीपुर सीट से सियासी पारी का आगाज करेंगी। वहीं, लोजपा (आर) के मुखिया चिराग पासवान ने जमुई की सीट से बहनोई अरुण भारती को टिकट दिया है।
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राज्य में वंशवाद और परिवारवाद की नई पौध को सियासत में रोपने का सिलसिला यहीं नहीं खत्म हो रहा। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के पुत्र अंशुल अभिजीत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह के पुत्र विकास सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री केदार पांडे के प्रपौत्र शाश्वत पांडे का भी चुनाव लड़ना तय है। भाजपा ने भी अपने दिग्गज नेता सीपी ठाकुर के पुत्र विवेक ठाकुर को टिकट दिया है।

पिता को किडनी देकर चर्चित हुईं रोहिणी
राजनीतिक वंशवाद की नई पौध में सबसे चर्चित नाम हैं रोहिणी आचार्य। वह अपने बीमार पिता पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को किडनी दान कर सुर्खियों में आई थीं। रोहिणी सारण सीट से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। लालू परिवार में उनकी पत्नी राबड़ी देवी विधान पार्षद, पुत्र तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव विधायक, पुत्री मीसा भारती राज्यसभा सांसद हैं। राबड़ी के दो भाई साधु यादव और सुभाष यादव पहले से ही सियासत में हैं। हालांकि, यह अलग बात है कि अब मतभेद के कारण लालू परिवार से दोनों ने दूरी बना ली है।
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चिराग हाजीपुर तो बहनोई जमुई से उतरे
सियासी कूटनीति में चाचा पशुपति पारस को मात देने वाले लोजपा (आर) के मुखिया और दिवंगत रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान ने तीन सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। पिता की परंपरागत सीट हाजीपुर से खुद मैदान में हैं। अपनी सीट जमुई से उम्मीदवारी के लिए बहनोई अरुण भारती पर भरोसा जताया है। चिराग ने समस्तीपुर सीट से शांभवी चौधरी को टिकट दिया है। शांभवी जदयू के दिग्गज नेता और नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी की पुत्री हैं। अरुण और शांभवी लोकसभा चुनाव से ही सियासी पारी शुरू करेंगे।

लॉन्चिंग पैड पर मीरा कुमार का बेटा और पूर्व सीएम का प्रपौत्र
वंशवाद की तीन नई पौध सियासी पारी का आगाज करने की कतार में हैं। इनमें कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीरा कुमार के पुत्र अंशुल अभिजीत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के पुत्र विकास सिंह और पूर्व सीएम केदार पांडे के प्रपौत्र शाश्वत पांडे का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। कांग्रेस और राजद की ओर से इनके लिए सुरक्षित सीटों की तलाश जारी है। सहमति बनते ही उम्मीदवारी की घोषणा तय है।

पुराने वटवृक्ष भी कायम
वंशवाद के पुराने वटवृक्ष पहले की तरह राज्य की सियासत में कायम हैं। मसलन, बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद शिवहर से जदयू की उम्मीदवार हैं। उनका बेटा  विधायक है। भाजपा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे सीपी ठाकुर के बेटे विवेक ठाकुर को नवादा से उम्मीदवार बनाया है।

बाहुबली और राजद से विधायक, सांसद रहे शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब सीवान सीट से उम्मीदवार होंगी। इसके अलावा कांग्रेस से निराश हुए बाहुबली पप्पू यादव पूर्णिया से उम्मीदवार होंगे। उनकी पत्नी रंजीता रंजन कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य हैं।

ये भी हैं कतार में
पश्चिम चंपारण से भाजपा उम्मीदवार संजय जायसवाल पूर्व सांसद मदन जायसवाल के पुत्र हैं। मधुबनी से भाजपा उम्मीदवार अशोक यादव पूर्व मंत्री हुकुमदेव नारायण यादव और औरंगाबाद से भाजपा प्रत्याशी सुशील कुमार सिंह पूर्व सांसद रामनरेश सिंह के पुत्र हैं। वाल्मीकिनगर से जदयू उम्मीदवार सुनील कुमार पूर्व मंत्री वैद्यनाथ महतो के पुत्र हैं। वैशाली से लोजपा (रा) प्रत्याशी वीणा देवी पार्टी के एमएलसी दिनेश सिंह की पत्नी हैं। सीवान में जदयू प्रत्याशी विजयलक्ष्मी कुशवाहा पार्टी के पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा की पत्नी हैं।
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