लोकसभा चुनाव-2024 की सरगर्मियों के बीच नेताओं के बीच जमकर जुबानी जंग भी हो रही है। ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया है। प्रियंका का दावा है कि पीएम मोदी राजनीतिक रैलियों में केवल कल्पना के आधार पर भाषण देते हैं, उनके भाषणों से तथ्य नदारद रहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी भाषणों को लेकर कांग्रेस आक्रामक है। एक तरफ पार्टी ने पीएम मोदी के भाषणों को सांप्रदायिक और आपत्तिजनक बताते हुए तमिलनाडु में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है तो दूसरी तरफ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी के भाषणों को कोरी-कल्पनाओं पर आधारित करार दिया। प्रियंका ने कहा कि भाजपा की राजनीतिक जनसभाओं में पीएम मोदी के भाषणों से तथ्य नदारद रहते हैं। उनके भाषण केवल कल्पना पर आधारित हैं।
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प्रधानमंत्री को बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की दुर्दशा पर बोलने की चुनौती
प्रियंका गांधी ने बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों पर पीएम मोदी को चुनौती देते हुए उनके तथ्यहीन भाषणों की जमकर आलोचना की। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक चुनावी जनसभा के दौरान प्रियंका ने इस बात पर जोर दिया कि जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने संविधान, आरक्षण और अल्पसंख्यकों को लाभ जैसे कई अहम और संवेदनशील बिंदुओं पर अपनी बातें कहीं। प्रियंका ने एक इंटरव्यू में कहा कि प्रधानमंत्री को देश की बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की दुर्दशा जैसे मुद्दों पर बयान देने चाहिए।
पीएम मोदी ने 39 साल पहले के मामले का जिक्र किया
भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी जुबानी जंग के बीच प्रियंका गांधी का बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले पीएम मोदी ने दावा किया कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद अयोध्या के राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट देगी। 1985 में शाहबानो प्रकरण का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने तुष्टिकरण की नीति अपनाई और शीर्ष अदालत का फैसला पलट दिया। कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में आने पर ऐसा ही करेगी।
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प्रियंका का दावा- वोटिंग से साफ संकेत; जनता बदलाव का मूड बना चुकी है
तीन चरणों के मतदान के बाद राजनीतिक हालात और कांग्रेस की जमीनी हकीकत को लेकर एक सवाल पर कहा, उनके आकलन के मुताबिक जनता बदलाव चाहती है। लोग झूठ बोलने से तंग आ चुके हैं। जनता मीडिया और राजनीतिक मंचों पर होने वाली चर्चाओं के स्तर से तंग आ चुके हैं। प्रियंका ने दावा किया कि जनता अपनी समस्याओं पर चर्चा और समाधान चाहती है। उन्होंने कहा, जनता जानना चाहती है कि सरकार ने बेरोजगारी कम करने के लिए क्या कदम उठाए हैं? महंगाई से राहत और जरूरी सामानों की कीमतों पर अंकुश के लिए सरकार क्या प्रयास कर रही है? मजदूरों और किसानों की मदद के लिए सरकार की नीति क्या है? जनता इन मुद्दों पर जवाब चाहती है।