चुनाव प्रचार का यह अनोखा तरीका गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल के दिमाग की उपज ही बताया जा रहा है। उन्होंने अपने प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान ही उत्तर भारतीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों को यह कहा था कि उनका कार्य केवल गुजरात में ही पार्टी को जिताना नहीं है, बल्कि उन्हें उन इलाकों में भी पार्टी का चुनाव प्रचार करना है, जहां से वे मूलरूप से आते हैं। यदि कार्यकर्ताओं को समय मिले, तो अपने इलाकों में जाकर पार्टी के लिए कार्य करने के लिए कहा गया था। जिन कार्यकर्ताओं को अपनी नौकरियों की बाध्यता के कारण छुट्टी नहीं मिल रही है, उनसे सूरत, भरूच, अहमदाबाद जैसे इलाकों में रहकर ही फोन के जरिए अपने करीबियों को भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया था।
इस मॉडल के तहत हो रहा प्रचार?
चुनाव प्रचार के इस मॉडल में कंपनियों, फैक्ट्रियों, बाजारों या चाय-पान की दुकानों के आसपास छोटे-छोटे सेंटर स्थापित किए गए हैं। अपने कार्य से छुट्टी पाने के बाद इन श्रमिकों-कार्यकर्ताओं को अपने करीबी लोगों को फोन करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिन लोगों को फोन किया जा रहा है, उनका नाम, मोबाइल नंबर और इलाके की जानकारी का भी रिकॉर्ड रखना है, जिससे बाद में उसकी वैधता को चेक किया जा सके।
पार्टी ने अपने इन कार्यकर्ताओं-समर्थकों से न्यूनतम 20 लोगों को फोन करने के लिए कहा है। अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। लेकिन बेहतर कार्य करने वाले भाजपा समर्थकों को चुनाव परिणाम आने के बाद गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल के साथ भोजन करने का अवसर दिया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ता एक दूर शहर में बड़े नेता के साथ संपर्क होने को अपने लिए विशेष सम्मान की बात मानते हैं।
कमजोरियां भी पता चल रहीं
इस मॉडल से पार्टी को उन कमजोरियों के बारे में भी पता चल रहा है, जो उसे पूर्वांचल के इलाके में मजबूत करने में मदद कर सकती हैं। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल इलाके की एक सीट के उम्मीदवार के बारे में लोगों ने बताया कि पिछला चुनाव जीतने के बाद उन्होंने इलाके में विकास का कोई काम नहीं किया। एक दूसरी सीट के प्रत्याशी के बारे में लोगों ने कहा कि वे अपने क्षेत्र की जनता से कभी संपर्क में नहीं रहे।
कई इलाकों में लोगों को अपने ही क्षेत्र में हुए बड़े विकास कार्यों की भी जानकारी नहीं है। बहुत सारे मतदाता उन विकास कार्यों से भी अनजान हैं, जो उनके इलाके में भाजपा की केंद्र-राज्य सरकार के द्वारा किए गए हैं। लोगों को किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री आवास की सुविधा पाने वाले लाभार्थियों की संख्या, एम्स, आयुध डिपो और बड़ी सड़कों के निर्माण के बारे में भी बताया जा रहा है। इन कार्यों की जानकारी होने के बाद मतदाताओं के रुख में सकारात्मक परिवर्तन आने की उम्मीद की जा रही है।
फोन करने वाले भाजपा कार्यकर्ता लोगों को यह आश्वासन भी दे रहे हैं कि उनकी शिकायतों की पूरी जानकारी चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा तक पहुंचाई जाएगी। आगे इस तरह की शिकायतें न हों, इसके लिए एक मैकेनिज्म बनाने का आश्वासन भी लोगों को दिया जा रहा है। गुजरात में बैठे भाजपा समर्थक-कार्यकर्ता ऐसे मतदाताओं को इस बात का आश्वासन भी दे रहे हैं कि लोगों को केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिताने की सोच रखनी चाहिए क्योंकि अंततः विकास का पूरा खाका केवल उनके इर्दगिर्द ही चलाया जाना है।
भाजपा को जीत दिलाने का लक्ष्य
उत्तर भारतीय भाजपा नेता यजुवेंद्र दुबे ने अमर उजाला को बताया कि गुजरात में इस बार भी पार्टी को सभी सीटों पर जीत मिलनी तय है। लेकिन उन लोगों की कोशिश भाजपा को उन सीटों पर जिताना भी है, जहां पर अभी चुनाव संपन्न नहीं हुआ है। चूंकि, यूपी-बिहार के लाखों श्रमिक इन इलाकों में रहकर रोजी-रोटी कमाते हैं, उन्हें पार्टी ने अपने लिए ब्रांड एंबेसडर की तरह उपयोग किया है। ये श्रमिक गुजरात मॉडल के सबसे मजबूत एंबेसडर हो सकते हैं, क्योंकि उनकी कमाई पर पूर्वांचल में उनका पूरा परिवार जीवन यापन करता है।
यजुवेंद्र दुबे ने बताया कि हर व्यक्ति के 25-50 समर्थक, दोस्त-रिश्तेदार गांव में रहते हैं। इन कार्यकर्ताओं से उन सबको फोन कर भाजपा को वोट देने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। उनका दावा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के परिश्रम से पार्टी इस बार भी यूपी-बिहार में शानदार प्रदर्शन करेगी और इंडिया गठबंधन के सारे अनुमान धरे के धरे रह जाएंगे।