देश में लोकसभा चुनावों की रणभेरी बज चुकी है। 19 अप्रैल से 1 जून के बीच सात चरणों में मतदान होंगे। नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे। इस बीच पार्टियां सभी क्षेत्रों में अपने-अपने कुनबे को बढ़ाने की कोशिश में जुटी हुई हैं। इसी कड़ी में भाजपा ने पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को पार्टी में शामिल किया है।
पिता जाने-माने शिक्षाविद रहे हैं
अमेरिका में भारत के राजदूत रहे संधू ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली है। इस दौरान पार्टी के महासचिव तरुण चुघ और विनोद तावड़े मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि संधू के प्रतिष्ठित परिवार के बारे में भी बताया। उनके पिता बिशन सिंह समुंदरी जाने-माने शिक्षाविद रहे हैं और गुरु नानक देव विश्विद्यालय के संस्थापक कुलपति थे।
भारत-अमेरिका रिश्तों की बात की
भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने भारत-अमेरिका रिश्तों के विकास पर बात की। सिंधू ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग जैसे कई क्षेत्रों में विकास उनका फोकस क्षेत्र रहा है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध एक साझेदारी में बदल गए हैं। पूर्व राजनयिक ने इस बात पर जोर दिया कि इसका लाभ रोजगार के अवसरों और विकास के मामले में अमृतसर जैसे भारत के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचना चाहिए।
पूर्व आईएफएस अधिकारी ने अपनी राजनीतिक पारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को धन्यवाद दिया। इस दौरान तावड़े ने कहा कि संधू जैसे सफल कूटनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की भाजपा में मौजूदगी से पार्टी मजबूत होगी।
2009 में सिद्धू ने दिलाई थी जीत
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पूर्व राजदूत संधू भाजपा के टिकट पर पंजाब के अमृतसर से चुनाव लड़ सकते हैं। भाजपा ने यह सीट 2009 में नवजोत सिंह सिद्धू के जीतने के बाद से नहीं जीती है। सिद्धू अब कांग्रेस में हैं और इस सीट से मौजूदा सांसद गुरजीत सिंह औजला हैं। भाजपा ने 2014 में यहां से अरुण जेटली तो 2019 में हरदीप सिंह पुरी को चुनाव लड़ाया लेकिन दोनों चुनाव हार गए।