तमिलनाडु में सत्ताधारी पार्टी डीएमके ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने साथ ही बुधवार को अपना घोषणा पत्र भी जारी कर दिया। चेन्नई में पार्टी का घोषणा पत्र जारी करने के समय पार्टी के नेता सीएम स्टालिन, सांसद कनिमोझी, ए राजा आदि नेता मौजूद रहे। घोषणा पत्र में डीएमके ने कई योजनाओं का एलान किया है। साथ ही पार्टी के घोषणा पत्र में राज्यपाल पर भी निशाना साधा गया है और कहा है कि राज्यपाल की नियुक्ति, राज्य सरकार से चर्चा के बाद ही होनी चाहिए।
'सत्ता में आए तो सीएए लेंगे वापस'
डीएमके ने अपने घोषणा पत्र में एलान किया है कि अगर उनका विपक्षी गठबंधन सत्ता में आता है तो वे हाल ही में लागू हुए नागरिकता संशोधन कानून को वापस लेंगे। साथ ही नीति आयोग को भंग करने, योजना आयोग का गठन करने का एलान किया है। किसानों का कर्ज माफ करने, छात्रों के शिक्षा ऋण में छूट देने, देश की सभी महिलाओं को हर माह 1000 रुपये देने और राज्य विकास परिषद के गठन का भी वादा किया गया है। तमिलनाडु को नीट परीक्षा से छूट देने और सभी राष्ट्रीय राजमार्गों से टोल बूथ हटाने का भी वादा किया गया है।
राज्य सरकार से चर्चा के बाद ही हो राज्यपाल की नियुक्ति
डीएमके का घोषणा पत्र जारी करते हुए सीएम स्टालिन ने कहा कि 'यह डीएमके का ही नहीं बल्कि लोगों का घोषणा पत्र है। जब से 2014 से भाजपा सत्ता में आई है, देश बर्बाद हो गया है। चुनाव में किया गया कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ है। हमने विपक्षी गठबंधन बनाया और हम 2024 में सरकार भी बनाएंगे। हमारे घोषणा पत्र में हमने तमिलनाडु के लिए विशेष योजनाओं का एलान किया है। राज्य के हर जिले के विशेष योजनाएं बनाई गई हैं।' डीएमके ने घोषणा पत्र में राज्यपाल कार्यालय पर भी निशाना साधा और कहा कि राज्य में राज्यपाल की नियुक्ति, राज्य सरकार से चर्चा के बाद ही होनी चाहिए। साथ ही ये भी कहा गया है कि 'राज्यपाल को संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत जो आपराधिक कार्यवाही से छूट मिली हुई है, उसमें भी संशोधन किया जाना चाहिए।' स्टालिन ने कहा कि 'डीएमके चुनाव से पहले घोषणा पत्र तैयार करती है और हम जो कहते हैं, उसे करते हैं। हमारे नेता ने हमें ये सिखाया।'
डीएमके ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट
डीएमके ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है, उसमें उत्तर चेन्नई से कलानिधि वीरास्वामी, दक्षिण चेन्नई से थंगापंडियन, मध्य चेन्नई से दयानिधि मारन, श्रीपेरंबदूर से टीआर बालू, थिरुवनामलाई से अन्नादुरई, नीलगिरी से ए राजा और थुथुकुडी से कनिमोझी को टिकट दिया गया है। साथ ही वेल्लोर से कंधीर, इरोड से प्रकाश, कोवई सीट से गणपति राजकुमार, तंजौर से मुरासोली को टिकट दिया गया है।
डीएमके को भरोसा- तमिलनाडु के बाहर भी सीटें जीतेंगे
पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए डीएमके की सांसद कनिमोझी ने कहा कि 'डीएमके का घोषणा पत्र हमेशा से हमारे लिए अहम रहा है। मैं हमारे नेता एमके स्टालिन को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने मुझे घोषणा पत्र तैयार करने वाली समिति का प्रमुख बनाया। हमने देखा है कि द्रविड़ मॉडल वाली सरकार ने राज्य के लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। यह चुनाव घोषणा पत्र हमारे द्रविड़ मॉडल को पूरे देश में ले जाने में मदद करेगा। मुझे उम्मीद है कि हम न सिर्फ तमिलनाडु की 40 बल्कि देश में भी अच्छी संख्या में सीटों पर जीत दर्ज करेंगे।'
राज्य की 21 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी डीएमके
तमिलनाडु में डीएमके, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है। बीते दिनों ही डीएमके ने कांग्रेस और अन्य सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे को लेकर समझौता किया है। इस समझौते के तहत नौ सीटें कांग्रेस को तमिलनाडु और एक पुडुचेरी यानी कि कुल 10 सीटें दी गई हैं। वहीं डीएमके राज्य की 21 लोकसभा सीटों पर चुनाव लडे़गी। जिनमें उत्तर चेन्नई, दक्षिण चेन्नई, मध्य चेन्नई, श्रीपेरंबदूर, अरक्कोनम, कांचीपुरम, तिरुवन्नामलाई, वेल्लोर, धर्मापुरी, कल्लाकुरुचि, सालेम, पोल्लाची, नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, अरानी, पेरंबलूर, इरोड, तंजावुर, तेनकासी, थुथुकुडी लोकसभा सीट शामिल हैं।