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Election: कांग्रेस का भाजपा पर आरोप, केंद्र की नीति धोखा दो और राज करो, पूवोत्तर को दिया गया सबसे कम बजट

Sat, 13 Apr 2024 02:13 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्टर कर कहा कि मोदी सरकार की धोखा दो और राज करो नीति की पोल खुल रही है। कहा कि केंद्र सरकार पूवोत्तर क्षेत्रों के लिए बजट में कंजूसी कर रही है।
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jairam ramesh - फोटो : X (Indian Youth Congress)
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विस्तार
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देश में इन दिनों चुनावी मौसम चल रहा है, सभी पार्टियों का प्रचार जोर-शोर से चल रहा है। वहीं आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है। ऐसे में एक बार फिर कांग्रेस की ओर से भाजपा पर वार किया गया है। जयराम रमेश जो कि कांग्रेस के महासचिव हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्टर कर कहा कि मोदी सरकार की धोखा दो और राज करो नीति की पोल खुल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पूवोत्तर क्षेत्रों के लिए बजट में कंजूसी कर रही है।
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चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के सभी नेता भाजपा और मोदी सरकार की नीतियों पर खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने भी भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी के धोखा दो और राज करो की नीति की पोल पट्टी अब खुलती जा रही है। पिछले दस सालों में उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में बजट आवंटित करने का यह अब तक का इतिहास है। मोदी सरकार ने 2014 के बाद से सिर्फ दो बार ही पूर्वोत्तर राज्यों के लिए पूरे बजट का प्रयोग किया है। जबकि यूपीए ने लगातार बजट का 90 प्रतिशत उपयोग किया। 

आवंटित बजट का 35.9 प्रतिशत ही हुआ है खर्च
जयराम रमेश ने यह दावा किया कि मोदी सरकार में बजट का उपयोग घटकर 60 प्रतिशत ही रह गया है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2013 में बजट 2577 करोड़ रुपये था। रमेश ने लेखा महानियंत्रक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मंत्रालय ने आवंटित बजट का सिर्फ 989 करोड़ रुपया ही खर्च किया है, यह कुल बजट का 35.9 प्रतिशत ही है। 
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मोदी सरकार ने 6600 करोड़ खर्च करने का किया था दावा
रमेश ने कहा कि मोदी सरकार दावा करती है कि 2022 में पीएम डिवाइन योजना पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए शुरू की गई। इसके तहत 2022-23 से 2025-26 तक 6,600 करोड़ खर्च का दवा किया था। लेकिन दिसंबर 2023 में उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया कि इस योजना के लिए सिर्फ 10 प्रतिशत धनराशि ही स्वीकृत हुई, जो कि 855.85 करोड़ रुपये है।
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