कांग्रेस पार्टी ने घोषणा पत्र में कहा, 2008 में मुंबई आतंकवादी हमले के बाद, कांग्रेस ने आंतरिक सुरक्षा प्रणाली में सुधार किया है। कई आधारभूत समाधान लागू किए हैं। चिंताजनक बात यह है कि व्यवस्था में त्रुटियां उभर आई हैं। इसके अलावा, घृणा फैलाने वाले भाषणों, घृणा अपराधों और सांप्रदायिक संघर्ष में वृद्धि ने स्थिति को कठिन बना दिया है।
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने आंतरिक सुरक्षा के कॉलम में एक बड़ी बात कह दी है। अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है, तो 'बुलडोजर' को रोक देंगे। यानी उत्तर प्रदेश सहित कई भाजपा शासित प्रदेशों में अपराधियों के ठिकानों पर जो बुलडोजर चलाया जाता है, वह सब कांग्रेस राज में नहीं चलेगा। इतनी ही नहीं, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में दो टूक कह दिया है कि देश में मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या करना), फर्जी एनकाउंटर और बुलडोजर न्याय जैसे गैर-न्यायिक अवैध कदमों का दृढ़ता से विरोध करती है। कांग्रेस उन्हें तुरंत रोकेगी और अपराधियों को कानून के मुताबिक सजा देगी।
विज्ञापन
नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड को लागू करेगी कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी ने घोषणा पत्र में कहा, 2008 में मुंबई आतंकवादी हमले के बाद, कांग्रेस ने आंतरिक सुरक्षा प्रणाली में सुधार किया है। कई आधारभूत समाधान लागू किए हैं। चिंताजनक बात यह है कि व्यवस्था में त्रुटियां उभर आई हैं। इसके अलावा, घृणा फैलाने वाले भाषणों, घृणा अपराधों और सांप्रदायिक संघर्ष में वृद्धि ने स्थिति को कठिन बना दिया है। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि 2008 के सुधारों का अधूरा एजेंडा है नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (नेटग्रिड)। यह भारत सरकार की मुख्य सुरक्षा एजेंसियों के डाटाबेस को जोड़ने वाला एकीकृत इंटेलिजेंस ग्रिड है। इसके जरिए खुफिया जानकारी को व्यापक पैटर्न पर एकत्रित किया जाता है। साथ ही इस पैटर्न पर खुफिया एजेंसियां आसानी से अपनी पहुंच बना सकती हैं।
कांग्रेस ने इसके साथ ही राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी केंद्र 'एनसीटीसी' का भी जिक्र किया है। देश में नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड स्थापित करने की मुहिम, पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान शुरू हुई थी। इसके जरिए खुफिया और सुरक्षा ढांचे के आमूलचूल सुधार करने का लक्ष्य रखा गया था। 2008 में हुए 26/11 मुंबई हमले के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों पर कई सवाल खड़े हुए थे। उसके बाद नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड स्थापित करने की प्रक्रिया पर काम शुरू हुआ था।
विज्ञापन
कांग्रेस का कहना है, नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड और राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी केंद्र, अभी अधूरे एजेंडे पर हैं। अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो इन दोनों विषयों पर काम को पूरा करेगी। एक साल के भीतर इन्हें क्रियान्वित कर दिया जाएगा। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में रिक्तियों को भरा जाएगा। इन बलों में 33 फीसदी महिलाएं होंगी। सेवा नियमों को संशोधित किया जाएगा। प्रशिक्षण, आराम और स्वास्थ्य लाभ की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बलों की तैनाती होगी।