बादल फटने की समस्याएं ज्यादातर कहां देखी जाती हैं?
बादल फटने की घटनाएं पहाड़ी क्षेत्रों में ही होती है। हालांकि वर्ष 2005 में मुंबई में भी बादल फटने की घटनाएं हुई थी। देखिए कहां कहां हुई थी बादल फटने की बड़ी घटनाएं।
भारत में
- नवंबर, 1970- हिमाचल के बरोत में रिकॉर्ड 38 मिमी।
- जुलाई, 2005- मुंबई 8-10 घंटे में करीब 950 मिमी तक बारिश।
- अगस्त, 2009- जम्मू-कश्मीर के लेह में 200 से अधिक की मौत, भारी तबाही।
उत्तराखंड में
- 1979- तवाघाट, पिथौरागढ़- 22 की मौत।
- 1983- बागेश्वर, 37 की मौत।
- 1995- रैतोली, पिथौरागढ़- 16 की मौत।
- 1999- मदमहेश्वर घाटी- 109 की मौत।
- 12 जुलाई, 2007- चमोली के सुरीखर्क में 8 लोगों की मौत, भारी तबाही।
- 7 अगस्त, 2009- पिथौरागढ़ के ला, चचना और बेड़ूमहर में मलबे के ढेर में 43 लोग जमींदोज हो गए।
- 18 अगस्त, 2011- बागेश्वर के शुमगढ़ में भूस्खलन, स्कूल की छत गिरने से 18 बच्चों की मौत।
- 23 अगस्त, 2011- सहस्त्रधारा के निकट कारलीगाढ़ गांव पांच मरे, खेती की जमीन नष्ट।
- 24 जुलाई, 2013- चमोली जिले में नंदप्रयाग के पास कई गांवों में भारी तबाही, दो लोगों की मौत।