पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने पहले एक साथ काम करने का फैसला किया था, लेकिन वह यह नहीं समझ पाए कि राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के नाममात्र के चांसलर सीवी आनंद बोस राज्य सरकार को बिना बताए इस तरह के दौरे क्यों कर रहे हैं। बसु ने कहा कि नई स्थिति के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति का पदभार संभाल लेना चाहिए।
आंबेडकर जयंती कार्यक्रम में डॉ बीआर आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद शिक्षा मंत्री बसु ने कहा कि यदि राज्यपाल मुख्यमंत्री, विभाग, मंत्री या संबंधित संस्थान को सूचित किए बिना अपनी मर्जी से काम करते हैं, तो मुझे यह कहने के लिए मजबूर होना पड़ता है कि ऐसा नहीं करना चाहिए। वह इस तरह से काम नहीं कर सकते। बसु ने कहा कि बोस का हाल ही में बिना किसी को बताए विश्वविद्यालयों का दौरा नियमों की अवहेलना करते हुए एक सफेद हाथी के रूप में घूमने के समान है।
हालाकिं, पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर, राज्यपाल ने मंत्री की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। बोस ने एक सप्ताह के भीतर कलकत्ता विश्वविद्यालय, बारासात में पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय और कोलकाता में प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय का अघोषित दौरा किया है। उन्होंने वीसी और छात्रों से संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों से मुलाकात की। उन्होंने दो अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों और फैकल्टी से भी बात की।