असल समस्या को समझें
अगर आपको यूनिवर्सिटी में पढ़ाई पसंद नहीं आ रही है, तो पहले समझने की कोशिश करें कि असली समस्या क्या है। समस्या कॉलेज का वातावरण है, आपका चुना गया कोर्स है या फिर कोई एक विषय। अगर आपकी मौजूदा डिग्री आपके लिए सही नहीं है, तो आप दूसरी डिग्री या विषयों का नया संयोजन चुन सकते हैं। अगर यूनिवर्सिटी ही आपको सूट नहीं कर रही है, तो परेशान न हों। आपके पास अन्य तरीके भी हैं, जैसे व्यावसायिक शिक्षा या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, जो अक्सर व्यावहारिक और पेशेवर कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
विकल्पों को तलाशें
याद रखें कि हर विश्वविद्यालय छात्रों को किसी न किसी तरह की सहायता जरूर प्रदान करता है। अगर आपको अपनी पढ़ाई में परेशानी हो रही है, तो आप पूछ सकते हैं कि क्या अकादमिक लेखन या लाइब्रेरी में शोध करने जैसी चीजों के लिए मदद मौजूद है या नहीं। अगर आप पैसे को लेकर तनाव में हैं, तो पता लगाएं कि क्या संस्थान में स्कॉलरशिप जैसी कोई सहायता उपलब्ध है।
समय का रखें ख्याल
किसी भी बदलाव के लिए एक समय-सीमा निर्धारित होती है, जिसका ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अधिकतर कॉलेज भी एक नियत तारीख से पहले किसी भी तरह का बदलाव करने की इजाजत देते हैं। ये तिथियां हर संस्थान में अलग-अलग होती हैं। फिर भी समस्या का समाधान न हो, तो काउंसलर की मदद लें। - द कन्वर्सेशन