इसके बाद काउंसलिंग के बाकी चरणों में क्रमशः दूसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट 21 जून, तीसरे राउंड का 28 जून, चौथे राउंड का 4 जुलाई, पांचवें राउंड का 10 जुलाई और अंतिम छठे राउंड का सीट अलॉटमेंट 16 जुलाई को जारी किया जाएगा।
| प्रक्रिया |
तिथि |
| ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और कॉलेज च्वाइस फिलिंग शुरू |
3 जून 2025 |
| च्वाइस फिलिंग की अंतिम तिथि |
12 जून 2025 (शाम 5 बजे तक) |
| पहला मॉक सीट एलोकेशन |
9 जून 2025 |
| दूसरा मॉक सीट एलोकेशन |
11 जून 2025 |
| अंतिम विकल्प लॉक करने की तिथि |
12 जून 2025 |
| पहला राउंड सीट अलॉटमेंट |
14 जून 2025 |
| सीट एक्सेप्टेंस फीस भुगतान और ऑनलाइन रिपोर्टिंग (राउंड 1) |
14 जून – 19 जून 2025 |
| दूसरा राउंड सीट अलॉटमेंट |
21 जून 2025 |
| तीसरा राउंड सीट अलॉटमेंट |
28 जून 2025 |
| चौथा राउंड सीट अलॉटमेंट |
4 जुलाई 2025 |
| पांचवां राउंड सीट अलॉटमेंट |
10 जुलाई 2025 |
| छठा (अंतिम) राउंड सीट अलॉटमेंट |
16 जुलाई 2025 |
| पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया का समापन |
28 जुलाई 2025 (अनुमानित) |
इस साल आईआईटी में काउंसलिंग के छह राउंड होंगे। पिछले साल से काउसंलिंग का एक राउंड अधिक मिलेगा। खास बात यह है कि देश में पहली बार दिव्यांग वर्ग के छात्रों की यूडीआईडी कार्ड (भारत सरकार की ओर से जारी एक विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र ) से वेरिफिकेशन होगा। आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी समेत 121 उच्च शिक्षण संस्थानों में दिव्यांग छात्रों को अब फिजिकल वेरिफिकेशन से राहत मिल गई है। अब उन्हें उन्हें सेंटर पर जाकर अपने डाक्यूमेंट नहीं दिखाने होंगे।
आईआईटी और एनआईटी में 20 फीसदी गर्ल्स सीट
आईआईटी और एनआईटी में 20 फीसदी अतिरिक्त सीटों पर बेटियों को दाखिला मिलेगा। इन अतिरिक्त सीटों से अन्य आरक्षित सीटों में कोई कटौती नहीं हुई है। इसका मकसद बेटियों को देश के इंजीनियरिंग प्रीमियम संस्थानों से जोड़ना है।
12वीं में 75 फीसदी या टॉप 20 पर्सेंटाइल जरूरी
जोसा काउंसलिंग 2025 में भाग लेने वाले छात्र ध्यान दें कि 12वीं कक्षा में 75 फीसदी अंक और टॉप 20 पर्सेंटाइल होने जरूरी है। यदि कोई छात्र इन दोनों नियमों को पूरा नहीं कर पाता होगा तो काउंसलिंग में भाग नहीं ले सकेगा। इसके अलावा यदि किसी बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल नहीं होंगे तो ऐसे मामले में सीबीएसई बोर्ड के नियमों का पालन किया जाएगा। वहीं, एससी, एसटी छात्रों को 12वीं कक्षा में 75 फीसदी की बजाय 65 फीसदी अंक होने जरूरी है।
नया नियम, फीस पंजीकरण के साथ प्री-पेमेंट का विकल्प
अब किसी छात्र की सीट फीस जमा न होने के कारण रद्द नहीं होगी। इस वर्ष से फीस जमा करने के नियम में बड़ा बदलाव हुआ है। जोसा काउंसलिंग में पंजीकरण के बाद ज्वाइस फिलिंग के साथ ही छात्र को अपनी फीस जमा करने का मौका मिलेगा। अब छात्र ही फीस जमा करें, यह जरूरी नहीं होगा। बिना लॉगइन भी कोई भी फीस जमा कर सकेगा।
दूसरे से पांचवें राउंड की काउंसलिंग में सीट छोड़नी या पक्की करनी अनिवार्य
आईआईटी में दाखिला नियम में बदलाव हुआ है। एक छात्र की गलती के कारण दूसरे छात्र को दाखिला सीट से बंचित नही रहना होगा। छात्र को दूसरे से पांचवें राउंड की काउंसलिंग में सीट छोड़नी या पक्की करनी अनिवार्य होगी। यदि कोई छात्र इस अवधि में सीट पर फैसला नहीं ले पाता है तो फिर उसे जेईई एडवांस से डिबार कर दिया जाएगा।