WB Board प्रमुख बोले - इसे पेपर लीक नहीं मान सकते
लेकिन पश्चिम बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन ने कहा कि इसे पेपर लीक नहीं कहा जा सकता और इसे शरारत बताया। पश्चिम बंगाल बोर्ड के अध्यक्ष चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा कि कुछ निहित स्वार्थों ने प्रश्न-पत्र की तस्वीर को शुरू होने के काफी समय बाद प्रसारित किया होगा। भट्टाचार्य ने बताया कि यदि परीक्षा शुरू होने के ढाई घंटे बाद पेपर वायरल किया जाता है, तो इसमें कौन सी बड़ी बात है? उम्मीदवार उस समय तक परीक्षा हॉल छोड़ सकते हैं और यदि कोई परीक्षा स्थल के बाहर दो पेज की तस्वीर क्लिक करता है और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करता है, तो उससे किसी भी प्रकार से परीक्षा के आयोजन पर फर्क नहीं पड़ता है।
दलील - सीसीटीवी और रेडियो फ्रीक्वेंसी उपकरणों से लीक संभव नहीं
हालांकि, उन्होंने ऐसी शरारत करने वाले लोगों से अपील की कि वे इस तरह की बचकानी हरकतों से दूर रहें और हर छात्रों के हित में परीक्षाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करें। भट्टाचार्य ने बताया कि 2349 स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी और 200 से अधिक संवेदनशील स्थानों में से कुछ में रेडियो फ्रीक्वेंसी उपकरणों के उपयोग से किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की उपस्थिति का पता लगाने की सुविधा मौजूद है। इसलिए प्रश्न-पत्र लीक की संभावना लगभग नगण्य है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद परिषद सतर्क है। संवेदनशील स्थल विभिन्न जिलों में स्थित हैं और इनमें सबसे अधिक मालदा में हैं।
WB Board 14 मार्च से शुरू हुई थीं 12वीं की परीक्षाएं
पश्चिम बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन के चेयरमैन भट्टाचार्य ने कहा कि परिषद व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र के प्रसार के स्रोत पर नजर रख रही है और सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगी। जबकि इस वर्ष, 2019 और उससे पहले कक्षा 10वीं की राज्य बोर्ड परीक्षाओं में व्हाट्सएप पर प्रश्न-पत्र के प्रसारित होने की खबरें आई थीं, यह पहली बार है कि हाल के दिनों में उच्च माध्यमिक परीक्षा के दौरान ऐसी घटना की सूचना मिली है। एचएस की परीक्षाएं पश्चिम बंगाल में 14 मार्च से शुरू हुई थीं।