यह पुरस्कार सतत विकास के लिए 2030 के एजेंडा और शिक्षा पर इसके लक्ष्य के अनुरूप, सभी के लिए शैक्षणिक और आजीवन सीखने के अवसरों का विस्तार करने के लिए नई तकनीकों का लाभ उठाने में नवीन दृष्टिकोणों को मान्यता देता है। यूनेस्को द्वारा बहरीन सरकार के समर्थन से 2005 में स्थापित यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करने के लिए है जो उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। साथ ही डिजिटल युग में सीखने, सिखाने और समग्र शैक्षिक प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए तकनीक के रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।
बता दें कि पीएम ई-विद्या (eVIDYA) को 17 मई, 2020 को शिक्षा मंत्रालय द्वारा आत्म निर्भर भारत अभियान के हिस्से के रूप में शुरू किया गया था, जो डिजिटल, ऑनलाइन, ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को इंटीग्रेट करता है ताकि बड़ी संख्या में ई-बुक्स, ई-कंटेंट-ऑडियो, वीडियो, इंटरेक्टिव, ऑगमेंटेड रियलिटी कंटेंट, इंडियन साइन लैंग्वेज (आईएसएल) वीडियो, ऑडियोबुक, टॉकिंग बुक्स आदि के डिजाइन, विकास और प्रसार में काम करना; स्कूल और शिक्षक शिक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के ई-पाठ्यक्रम; ऑनलाइन और ऑफलाइन, ऑन-एयर टेक्नोलॉजी वन क्लास-वन चैनल, दीक्षा, ई-पाठशाला, निष्ठा, स्वयं पर स्कूल एमओओसी आदि का लाभ उठाकर मुख्य रूप से छात्रों और शिक्षकों के लिए ऑनलाइन क्विज जैसे डिजिटल कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
CIET दोपहर 12 बजे ई-विद्या डीटीएच टीवी चैनलों और लगभग 397 रेडियो स्टेशनों के फ्लेक्सीबल और सुनियोजित उपयोग के माध्यम से बच्चों के दरवाजे तक सीखने में सक्रिय था, जिसमें पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत कम्युनिटी रेडियो स्टेशन भी शामिल थे। ये प्रयास विशेष रूप से महामारी की स्थितियों में मददगार थे, जब स्कूल बंद थे, छात्रों तक पहुंचने में। इन प्रयासों ने काफी हद तक सीखने के अंतराल को रोकने में मदद की।