उत्तर प्रदेश की मीनाक्षी, धर्मपुरी गांव में एक स्कूल चला रही हैं जहां न किताबें हैं और न ही पढ़ने वाला बाकी सामान। स्कूल में खेल का मैदान, लाइब्रेरी और खूब सारे पेड़ हैं। इस स्कूल में सामान्य पाठ्यक्रम के अलावा उपभोक्तावाद से दूरी बढ़ाना और प्रकृति के साथ मिल-जुल कर रहना सिखाया जाता है।