गौरतलब है कि पिछले साल 2020 की परीक्षाओं में छात्र- छात्राओं और उनके माता-पिता के नाम पहली बार अंग्रेजी व हिंदी में भी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कराए गए थे। दोनों भाषाओं में नामों को अपलोड कराए जाने से इनमें कोई वर्तनी त्रुटि न रह जाए इसलिए वेबसाइट खोली जा रही है। संशोधन स्कूल के प्रवेश आवेदन पत्र, छात्र पंजिका आदि के आधार पर किया जा सकेगा। नामों में पूरा परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। हिंदी एवं अंग्रेजी में अपलोड नामों में कोई भिन्नता नहीं होनी चाहिए।
इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंट परीक्षा पर संशय
वहीं, फिलहाल यूपी बोर्ड इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंट परीक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। यदि विद्यार्थी प्राप्तांकों से संतुष्ट नहीं होंगे तो उन्हें इंप्रूवमेंट कराने और कंपार्टमेंट परीक्षा देने का विकल्प नहीं मिलेगा। हालांकि, सीबीएसई की तर्ज पर ऐसे विद्यार्थियों के लिए बाद में परीक्षा आयोजित की जा सकती है। हालांकि, वतर्मान नियमों के तहत बोर्ड परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट छात्रों के पास स्क्रूटनी का विकल्प रहता है, लेकिन इस बार सभी हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं तो ऐसे में स्क्रूटनी का विकल्प नहीं बचा। दोनों परीक्षा परिणाम नई आंतरिक मूल्यांकन नीति के आधार पर जारी किए जाएंगे। वहीं, अभी तक कंपार्टमेंट परीक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में इन्हें लेकर संशय बना हुआ है।