यूपी बोर्ड की ओर से 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल-इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा का प्रवेशपत्र प्रदेश के सभी 75 जिलों में भेज दिया गया है। क्षेत्रीय कार्यालयों प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली, मेरठ एवं वाराणसी की ओर से प्रवेशपत्र संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी भेजे जा चुके हैं। जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश है कि वह तत्काल प्रवेशपत्र विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भेज दें, ताकि समय रहते परीक्षार्थी प्रवेशपत्र में किसी प्रकार की गलती होने की दशा में उसमें सुधार करवा सकें।
- यूपी बोर्ड की ओर से जारी प्रवेशपत्र में पहली बार परीक्षार्थी एवं उसके माता-पिता का नाम अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी दिया गया है।
- बोर्ड अबकी बार छात्रों को अंकपत्र भी हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषा में जारी करेगा।
- प्रवेशपत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी की दशा में अभिभावक प्रधानाचार्य के माध्यम से अपनी शिकायत ऑनलाइन बोर्ड की वेबसाइट पर सही करवा सकेंगे।
- बोर्ड अंकपत्र जारी करने से पहले संशोधन का एक मौका देगा। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद संशोधन का मौका नहीं मिलेगा।
- पता चल रहा है कि बोर्ड की ओर से जिले में भेजे गए प्रवेशपत्र में बड़े पैमाने पर स्पेलिंग की गलती है। परीक्षार्थी इस गलती की शिकायत अपने प्रधानाचार्य से अवश्य कर दें, जिससे भविष्य में इसे ठीक करवाया जा सके।
यूपी बोर्ड प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़े सभी 23 जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षकों को प्रवेशपत्र भेज दिया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवेश पत्र समय से प्रधानाचार्यों को उपलब्ध करवा दें, जिससे परीक्षार्थियों को समय से प्रवेश पत्र मिल सके। - शिव प्रकाश द्विवेदी, अपर सचिव, प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय
डीआईओएस ने स्कूलों को दिया प्रवेशपत्र
यूपी बोर्ड से प्रवेश पत्र मिलने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा की ओर से बृहस्पतिवार को ही प्रवेशपत्रों का वितरण शुरू हो गया। उन्होेंने बताया कि जल्द ही प्रवेशपत्रों का वितरण पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि वे कार्यालय अवधि में आकर प्रवेशपत्र प्राप्त कर लें। उन्हाेंने बताया कि परीक्षा से जुड़ी दूसरी सामग्री 27, 28 जनवरी को वितरित की जाएगी। कॉपियों का वितरण पांच फरवरी से होगा।
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